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कर्नाटक : भाजपा के गढ़ दावणगेरे में इस बार दिखेगा कड़ा मुकाबला, दो रिश्तेदार आमने-सामने

Lok Sabha Elections 2024: 1999 लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक कर्नाटक के दावणगेरे सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है। आज तक कोई भी पार्टी इस सीट पर बीजेपी को पराजित नहीं कर सकी है। लेकिन इस बार मुकाबला दिलचस्प होने वाला है।    

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  This time a tough contest will be seen in BJP stronghold Davangere karnataka in loksabha elections 2024

1999 लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक कर्नाटक के दावणगेरे सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है। आज तक कोई भी पार्टी इस सीट पर बीजेपी को पराजित नहीं कर सकी है। लेकिन इस बार मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। यह सीट दक्षिण कर्नाटक का हिस्सा है। दावनगेरे सीट पर दो समृद्ध परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों का दबदबा रहा है, जो एक-दूसरे के रिश्तेदार भी हैं।

अखिल भारत वीरशैव-लिंगायत महासभा के अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक, 92 वर्षीय शमनूर शिवशंकरप्पा की बहू प्रभा मल्लिकार्जुन को कांग्रेस ने इस सीट से मैदान में उतारा है। उनके पति एस.एस. मल्लिकार्जुन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के मंत्रिमंडल में बागवानी मंत्री हैं।

इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प

इस बार बीजेपी ने इस सीट पर गायत्री मल्लिकार्जुन को चुनावी मैदान में उतारा है, जो एमपी जी.एम. सिद्धेश्वर की पत्नी है। सिद्धेश्वर ने 2004, 2009, 2014 और 2019 के आम चुनावों में भाजपा के लिए दावणगेरे सीट का प्रतिनिधित्व किया है। सिद्धेश्वर के पिता जी. मल्लिकार्जुनप्पा ने लोकसभा 1996 और 1999 के दौरान निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।

भाजपा के पूर्व मंत्री म.प्र. रेणुकाचार्य, एस.ए. रवींद्रनाथ और वरिष्ठ नेता मदल विरुपाक्षप्पा गायत्री सिद्धेश्वर का विरोध कर रहे हैं और उम्मीदवार को बदलने की मांग कर रहे हैं और जिले के कई अन्य प्रमुख भाजपा नेता भी गायत्री सिद्धेश्वर का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस ने प्रभा मल्लिकार्जुन को मैदान में उतार कर इस बार इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प कर दिया है।

2019 में जी.एम. सिद्धेश्वर ने 1.69 लाख वोटों के अंतर से चुनाव जीता

2019 में जी.एम. सिद्धेश्वर ने 1.69 लाख वोटों के अंतर से चुनाव जीता। 2014 के आम चुनाव में उन्होंने 17,607 वोटों से जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने उनके खिलाफ मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन को मैदान में उतारा था। स्थानीय लोगों ने कहा कि मल्लिकार्जुन की पत्नी प्रभा के मैदान में होने से आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए जीत आसान नहीं होगी। प्रभा मल्लिकार्जुन ने एमबीबीएस (डेंटल) की डिग्री हासिल की है और गायत्री मल्लिकार्जुन ने पीयूसी (कक्षा 12) की पढ़ाई की है। प्रभा एसएस केयर ट्रस्ट की आजीवन ट्रस्टी और बापूजी एजुकेशनल एसोसिएशन की गवर्निंग काउंसिल सदस्य भी हैं।

दावणगेरे लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में जगलूर, हरपनहल्ली, हरिहर, दावणगेरे दक्षिण, दावणगेरे उत्तर, मायाकोंडा, चन्नागिरी और होन्नाली विधानसभा क्षेत्र आते हैं। हरिहर विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी क्षेत्रों में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। भाजपा की अंदरूनी लड़ाई और साधन संपन्न कांग्रेस प्रत्याशी से कड़ी टक्कर की उम्मीद है। हालांकि, आंतरिक कलह के बावजूद भी बीजेपी इस बार अपने प्रत्याशी की जीत को लेकर आश्वस्त है।

1971 से 1991 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा

1971 से 1991 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा। 1998 में शमनूर शिवशंकरप्पा ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। दो शक्तिशाली परिवारों द्वारा महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के साथ, दावणगेरे सीट राज्य में हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्रों में से एक बन गई है।

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