
Tiger reached Telangana from Maharashtra
बाघ शिकार और साथी ढूंढने के लिए न सिर्फ लंबे समय तक इंतजार कर सकता है, बल्कि लंबी यात्रा भी कर सकता है। महाराष्ट्र के नांदेड़ में किनवट का एक बाघ जॉनी साथी की तलाश में तेलंगाना पहुंच गया। उसने 300 किलोमीटर की दूरी 30 दिन में पूरी की। उसकी यात्रा अक्टूबर के तीसरे हफ्ते में शुरू हुई थी।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सर्दी का मौसम बाघों के प्रजनन का समय होता है। मादा बाघ की तलाश में कुछ नर बाघ लंबी यात्रा पर निकल पड़ते हैं। महाराष्ट्र के नर बाघ आम तौर पर साथी की तलाश में पूर्ववर्ती आदिलाबाद जिले के जंगलों में चले जाते हैं। सात साल के जॉनी को एक महीने की तलाश के बावजूद फिलहाल मादा बाघ नहीं मिली है।
वन अधिकारियों का कहना है कि बाघ करीब 100 किमी दूर से मादा बाघों की विशेष गंध को पकड़ सकते हैं। तेलंगाना के उटनूर मंडल में प्रवेश करने से पहले जॉनी आदिलाबाद जिले समेत महाराष्ट्र के कई जंगलों में घूमा। बाद में उसे उटनूर के लालटेकडी गांव के पास सडक़ पार करते देखा गया।
आदिलाबाद के नारनूर मंडल में जॉनी को घूमते देख लोगों में दहशत फैल गई। वन अधिकारियों के मुताबिक साथी की तलाश करने वाले बाघ आम तौर पर मनुष्यों को नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन यात्रा के दौरान जॉनी ने पांच मवेशियों को मार डाला। उसने दो गायों पर भी हमला किया।
Published on:
20 Nov 2024 10:47 am
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