
अभिषेक बनर्जी (फोटो सोर्स: ANI)
TMC Billboard Case: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उस मामले में सीधे दखल देने से इनकार कर दिया जिसमें कोलकाता स्थित पार्टी कार्यालय से बिलबोर्ड हटाने को चुनौती दी गई है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कलकत्ता हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई जल्द करने को कहा है।
TMC ने आरोप लगाया है कि कोलकाता नगर निगम ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के 9, कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय से बिना किसी नोटिस के पार्टी का बिलबोर्ड हटा दिया। पार्टी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में यह मुद्दा उठाया। सिब्बल ने कहा कि यह पार्टी का कार्यालय है और वहां पार्टी का नाम वाला बोर्ड लगा होना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट को यह देखना चाहिए था कि बिलबोर्ड हटाने से पहले कोई नोटिस जारी किया गया था या नहीं।
कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जिस इमारत से TMC का बिलबोर्ड हटाया गया, वहां दूसरे प्रतिष्ठानों के साइनबोर्ड भी लगे हैं लेकिन उन्हें नहीं हटाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के पास इमारत का पंजीकृत लीज है। सिब्बल ने कहा कि हाईकोर्ट के पहले के आदेश को पार्टी के नाम वाले बोर्ड को दोबारा लगाने के मुद्दे पर सुनवाई करने में बाधा नहीं बनना चाहिए।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 28 अगस्त को TMC को बिलबोर्ड दोबारा लगाने की अंतरिम अनुमति देने से इनकार कर दिया था। जस्टिस राजा बसु चौधरी ने कहा था कि इस स्तर पर बोर्ड लगाने की अनुमति देना मामले में अंतिम राहत देने जैसा होगा। इसके बाद TMC ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के 28 अगस्त के आदेश में की गई टिप्पणियां अभी अंतिम नहीं हैं। TMC अपनी सभी दलीलें हाईकोर्ट के सामने रख सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को निपटाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट से TMC की तरफ से उठाए गए सभी मुद्दों पर शीघ्र सुनवाई करने का अनुरोध किया।
पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में TMC की याचिका का विरोध किया था। सरकार का कहना था कि पार्टी के पास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने अपील करने का विकल्प मौजूद था।
Updated on:
7 Sep 2026, 3:17 PM IST
Published on:
7 Sep 2026, 3:17 PM IST
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