
ममता बनर्जी(फोटो-ANI)
TMC Crisis: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी सियासी संकट और गहरा होता नजर आ रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद से चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद पार्टी के निलंबित प्रवक्ता रिजु दत्ता ने नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं की संख्या लगातार क्यों बढ़ रही है और आरोप लगाया कि सभी शिकायतें एक ही व्यक्ति को लेकर सामने आ रही हैं।
रिजु दत्ता ने कहा कि यदि पार्टी से रोज कोई न कोई नेता अलग हो रहा है और हर किसी को गद्दार या बेईमान बताया जा रहा है, तो नेतृत्व की क्षमता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी आरोप एक खास व्यक्ति पर लगाए जा रहे हैं, लेकिन उसे किनारे क्यों नहीं किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा अभिषेक बनर्जी की ओर माना जा रहा है।
अपने इस्तीफे में चंद्रिमा भट्टाचार्य ने लिखा कि वह 3 जून 2026 को कालीघाट में हुई बैठक में उन्हें सौंपी गई अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी छोड़ रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी में अपने सभी अन्य पदों से भी इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि वह पार्टी और उससे जुड़े विभिन्न संगठनों के बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (ऑथराइज्ड सिग्नेटरी) की जिम्मेदारी भी छोड़ रही हैं। साथ ही उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में अपनी भूमिका से भी खुद को अलग करने की जानकारी दी।
चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद प्रतिक्रिया देते हुए निलंबित टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने कहा कि रोज कोई न कोई नेता 'दीदी' का साथ छोड़ रहा है, पूरी टीम चंद्रिमा भट्टाचार्य को अब गद्दार और बेईमान बताने में लगी है। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति पर यही आरोप लगाए जा रहे हैं तो सवाल नेतृत्व की क्षमता पर भी उठेंगे कि आखिर पार्टी को एकजुट क्यों नहीं रखा जा सका। उन्होंने यह भी कहा कि सभी शिकायतें एक ही व्यक्ति के खिलाफ हैं, लेकिन उसे हटाने की बजाय बाकी लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पार्टी के कई विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना चुके हैं। इसके अलावा अधिकतर लोकसभा सांसदों ने भी अलग रास्ता अपना लिया। इन घटनाक्रमों के बीच ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि वह पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें रोकने के लिए उनके विरोधियों को उन्हें मारना पड़ेगा। एक दिन पहले वो फेसबुक लाइव पर आई थीं।
ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को गद्दार बताते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस का चुनाव चिह्न उनके और पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं के पास ही रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न कहीं नहीं जाएगा और यदि कोई उन्हें रोकना चाहता है तो उसे उन्हें मारना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन नेताओं ने पार्टी कार्यालय पर कब्जा करने की कोशिश की, उन्हें यह समझना चाहिए कि वह कार्यालय अक्टूबर 2027 तक लीज पर है। कोई व्यक्ति पार्टी छोड़ सकता है, लेकिन संगठन समाप्त नहीं होता। उन्होंने कहा कि पार्टी की संपत्ति पर कोई जबरन कब्जा नहीं कर सकता।
Updated on:
05 Jul 2026 05:34 pm
Published on:
05 Jul 2026 05:30 pm
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