25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

TMC Rebellion: ‘मुझसे भी पाला बदलने के लिए संपर्क किया गया’, TMC विधायक के दावे से ममता बनर्जी की पार्टी में फिर बढ़ी हलचल

TMC Crisis: टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि पार्टी के नेताओं व सांसदों ने अपनी मर्जी से बगावत नहीं की है, उन पर दबाव डाला गया था। उन्होंने कहा कि उन पर भी बहुत दबाव डाला गया था,इसलिए वे गए हैं। हकीकत तो यह है कि उनसे भी संपर्क किया गया था।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

MI Zahir

•

Updated: 18 Jun 2026, 4:10 PM IST

TMC leader Kunal Ghosh

टीएमसी नेता विधायक कुणाल घोष (फोटो : ANI)

TMC leader Kunal Ghosh statement on the rebellion : पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी बगावत के कारण मुश्किल दौर से गुजर रही है। सत्ता से बेदखल होने के एक महीने के अंदर ही, पार्टी को अपने अधिकतर विधायकों के विद्रोह, सांसदों के बीच विभाजन और इसकी संस्थापक ममता बनर्जी के अधिकार को लेकर बढ़ते संदेह का सामना करना पड़ रहा है। बॉलीवुड और बंगाली सिनेमा के कई कलाकार जो पार्टी में आए थे, वे अब इस पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। तृणमूल कांग्रेस पार्टी के सांसदों की बगावत पर पार्टी नेता कुणाल घोष ने कहा, बागी विधायक अपनी मर्जी से दूसरे गुट में नहीं गए हैं, उन पर बहुत दबाव डाला गया था,इसलिए वे गए हैं। हकीकत तो यह है कि उनसे भी संपर्क किया गया था।

टीएमसी के बागियों ने कब्जा कर लिया

पार्टी के बागियों ने पार्टी के विधायी विंग पर कब्जा कर लिया, अपना खुद का विपक्षी नेता नियुक्त किया और नेतृत्व पर विधायी दस्तावेजों पर हस्ताक्षरों की जालसाजी का आरोप लगाया। जो शुरुआत में राज्य स्तरीय विद्रोह प्रतीत हो रहा था, अब दिल्ली तक फैल गया है। टीएमसी के 28 सांसदों में से 20 ने संसद अध्यक्ष को पत्र लिखकर पार्टी के संसदीय समूह से अलग होने और भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने की मांग की है। ध्यान रहे कि पिछले महीने नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत हासिल की और सत्ता विरोधी लहर, धार्मिक ध्रुवीकरण और मतदाता सूचियों से जुड़े विवादों के बीच टीएमसी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया।

बैंक एकाउंट्स फ्रीज करने के बारे में हमें नहीं पता: कुणाल घोष

इस बीच टीएमसी नेता की ओर से लीडरशिप विवाद के कारण पार्टी के बैंक एकाउंट्स फ्रीज करने की मांग पर टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा, "हमें इसके बारे में कुछ नहीं पता। वे बोले, न तो हमारी अरूप बिस्वास से बात हुई और न ही बैंक से कोई बात हुई है।

पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज करने की मांग की

टीएमसी के अरूप ने नेतृत्व विवाद को लेकर पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज करने की मांग की है। इस रिपोर्ट को लिखे जाने के समय तक संबंधित बैंक से इस घटनाक्रम के बारे में पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला, वहीं पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए बिस्वास को किए गए कॉल और टेक्स्ट संदेशों का भी कोई जवाब नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास ने एक निजी बैंक को पत्र लिखकर संगठन के अधिकार और नियंत्रण को लेकर विवाद का हवाला देते हुए पार्टी के खातों के संचालन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

बैंक से पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला

कोलकाता स्थित बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा के प्रबंधक को संबोधित दो पन्नों का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसकी प्रामाणिकता की पीटीआई स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी। संबंधित बैंक से पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला, वहीं पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए बिस्वास को किए गए कॉल और टेक्स्ट संदेशों का भी कोई जवाब नहीं मिला।

डेबिट लेनदेन या परिचालन निर्देशों में बदलाव की अनुमति न देने का अनुरोध

गौरतलब है कि 12 जून, 2026 के पत्र के अनुसार, बिस्वास ने टीएमसी के कोषाध्यक्ष के रूप में संबंधित बैंक से यथास्थिति बनाए रखने और विवाद के समाधान होने तक किसी भी डेबिट लेनदेन या परिचालन निर्देशों में बदलाव की अनुमति न देने का अनुरोध किया। यह पत्र टीएमसी के भीतर चल रहे विद्रोह की पृष्ठभूमि में लिखा गया था, जो 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों में से एक के रूप में उभरा है।