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‘अत्याचार होता रहा, चुप रहने के लिए कहा गया’, TMC की बागी सांसद शताब्दी रॉय ने तोड़ी चुप्पी

Shatabdi Roy: TMC की बागी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा- मैं पार्टी छोड़ रही हूं, क्योंकि हमारी आवाज नहीं सुनी गई। मैं लोगों के लिए काम करना चाहती हूं। लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी। सिर्फ कुछ खास लोगों की ही ममता बनर्जी तक पहुंच थी।
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भारत

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Saurabh Mall

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Updated: 9 Jun 2026, 12:33 PM IST

TMC Crisis NEWS

फोटो में TMC की बागी सांसद शताब्दी रॉय और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी (सोर्स: ANI)

Trinamool Congress Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी के भीतर बढ़ता असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। टीएमसी की बागी सांसद शताब्दी रॉय ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। चार बार की सांसद शताब्दी रॉय ने दावा किया कि पार्टी में नेताओं की बात नहीं सुनी जा रही थी और कई सालों से चल रही समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा था। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ममता बनर्जी, जिन्हें वह वर्षों से ‘दीदी’ कहती रही हैं, अब पहले जैसी नहीं रहीं।

आवाज उठाई तो कहा गया चुप रहो

हाल ही में ‘NDTV’ को दिए इंटरव्यू में शताब्दी रॉय ने कहा कि पार्टी में कुछ चुनिंदा लोगों का ही प्रभाव बढ़ गया था। बाकी नेताओं और सांसदों की बातों को महत्व नहीं दिया जाता था। उन्होंने कहा कि जब भी उन्होंने या अन्य नेताओं ने समस्याओं को उठाने की कोशिश की, उन्हें चुप रहने की सलाह दी गई।

उन्होंने आगे कहा, "मैं पार्टी इसलिए छोड़ रही हूं क्योंकि हमारी आवाज नहीं सुनी गई। मैं अपने क्षेत्र और लोगों के लिए काम करना चाहती हूं, लेकिन हमारी बात किसी ने नहीं सुनी, अत्यचार होता रहा। सिर्फ कुछ खास लोगों की ही ममता बनर्जी तक पहुंच थी।"

उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी और सरकार के कई बड़े नेताओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया था। सांसदों की मांगों और सुझावों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था, जिससे नाराजगी बढ़ती गई।

भ्रष्टाचार और नेतृत्व पर भी उठाए सवाल

शताब्दी रॉय ने पार्टी में बढ़ते भ्रष्टाचार को भी अपनी नाराजगी की बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि निचले स्तर से लेकर ऊपरी स्तर तक भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ रही थीं और यह देखकर वह बेहद निराश थीं। उन्होंने कहा- “तृणमूल में बहुत भ्रष्टाचार है। जो कुछ हो रहा था, उसे देखकर मैं दुखी थी।”

रॉय ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ममता बनर्जी के व्यवहार और नेतृत्व शैली में बदलाव आया है। उनके अनुसार, उनका ममता बनर्जी से इमोशनल रिश्ता रहा है, लेकिन राजनीति में उनके लिए काम सबसे महत्वपूर्ण है।

बता दें शताब्दी रॉय को हाल ही में बागी सांसदों के समूह का डिप्टी लीडर चुना गया है। इस समूह ने बीजेपी नेताओं से मुलाकात की है और दावा किया जा रहा है कि TMC के कई सांसद अब अलग राजनीतिक रास्ता अपनाने की तैयारी में हैं। इससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।