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शरद पवार का खुलासा, बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी से की थी अपील

Sharad Pawar: एनसीपी (शरद पवार गुट) प्रमुख शरद पवार ने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों से संवाद शुरू करने की अपील की थी। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लोकतंत्र और युवाओं की जीत बताया।
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भारत

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Anurag Animesh

Jul 25, 2026

Sharad Pawar news

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा(फोटो-ANI)

Sharad Pawar On Dharmendra Pradhan Resignation: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने दावा किया है कि उन्होंने NEET-UG परीक्षा विवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छात्रों से बातचीत शुरू करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला लेने का आग्रह किया था। पवार ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे जरूरी होता है और छात्रों के आंदोलन ने सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेने के लिए मजबूर किया।

'प्रधानमंत्री से बातचीत कर तत्काल संवाद शुरू करने का आग्रह किया'

शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में शरद पवार ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ संवाद शुरू करने की अपील की थी। पवार के मुताबिक, उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा था कि लोकतंत्र में बातचीत ही समस्याओं का समाधान है। यदि संवाद नहीं होता तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने आग्रह किया था कि या तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया जाए या फिर आंदोलन कर रहे छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए।

'सरकार छात्रों से बातचीत के लिए तैयार हुई'

शरद पवार ने कहा कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि केंद्र सरकार ने छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत करने पर सहमति जताई है। उनके अनुसार, केंद्रीय मंत्रियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार संवाद के लिए तैयार है। पवार ने कहा कि यह स्थिति बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ने का परिणाम है।

'यह युवाओं की एकता और लोकतंत्र की जीत'

शरद पवार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने अपने आंदोलन के जरिए सरकार को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत और देश के युवाओं की एकजुटता का प्रतीक है। पवार ने आंदोलन के दौरान छात्रों का समर्थन करने वाले विभिन्न विपक्षी दलों और संसद सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों और सांसदों ने संसद के भीतर और बाहर छात्रों का नैतिक समर्थन किया, जिसके लिए वे सभी धन्यवाद के पात्र हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ आंदोलन

NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मुद्दे पर कई सप्ताह तक देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहे। इस बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई। बातचीत के बाद छात्र संगठन ने जंतर-मंतर पर चल रहा अपना 36 दिनों का धरना समाप्त करने की घोषणा की।