
शशि थरूर (Photo-IANS)
Shashi Tharoor Venezuela Reaction: दक्षिण अमेरिका के सबसे अधिक तेल संपन्न देश वेनेजुएला में शनिवार तड़के अमेरिकी सैन्य बलों (Delta Force) की ओर से अचानक की गई 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर किए गए इस ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर (Nicolas Maduro Arrested) अमेरिका ले जाया गया है। इस नाटकीय घटनाक्रम पर भारतीय राजनीति के दिग्गज, लेखक और पूर्व अंतरराष्ट्रीय राजनयिक शशि थरूर (Shashi Tharoor on Trump) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसने वैश्विक कूटनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस सांसद और विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून की विफलता करार दिया है। थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने विचार शेयर करते हुए इसे "Might is Right" (जिसकी लाठी उसकी भैंस) वाली विचारधारा का उदय बताया।
"अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) का पिछले कुछ वर्षों से केवल उल्लंघन ही किया जा रहा है। आज दुनिया में 'जंगल का कानून' (Law of the Jungle) व्याप्त है। 'शक्ति ही सत्य है' अब नया पंथ बन गया है।"
शशि थरूर का यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका जैसी महाशक्तियां अब अंतरराष्ट्रीय नियमों की परवाह किए बिना दूसरे देशों की संप्रभुता में सीधे तौर पर दखल दे रही हैं, जो भविष्य में वैश्विक स्थिरता के लिए एक खतरनाक मिसाल बन सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे ऑपरेशन को एक टेलीविजन शो की तरह लाइव देखने का दावा किया। उन्होंने 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के माध्यम से मादुरो को 'नार्को-आतंकवादी' बताते हुए न्यूयॉर्क की जेल में भेज दिया है। ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला अब अस्थायी रूप से अमेरिका के नियंत्रण में रहेगा जब तक कि वहां एक "सुरक्षित और न्यायपूर्ण सत्ता परिवर्तन" नहीं हो जाता।
शशि थरूर और अन्य कई वैश्विक विशेषज्ञों का मानना है कि इस अचानक सैन्य कार्रवाई के पीछे केवल लोकतंत्र की बहाली नहीं, बल्कि वेनेजुएला का विशाल तेल भंडार है। दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार पर फिर से अमेरिकी कंपनियों का नियंत्रण स्थापित करने की ट्रंप की घोषणा ने थरूर की उन आशंकाओं को पुष्ट किया है कि यह 'राष्ट्र निर्माण' (Nation Building) से अधिक संसाधनों पर कब्जे की जंग है।
शशि थरूर के अलावा अन्य भारतीय नेताओं ने भी इस पर अपनी राय दी है:
अभिषेक मनु सिंघवी: उन्होंने इसे "21वीं सदी में 19वीं सदी का साम्राज्यवाद" बताया।
असदउद्दीन ओवैसी: उन्होंने इस घटना का जिक्र करते हुए भारत सरकार से मांग की कि अगर ट्रंप वेनेजुएला जाकर मादुरो को ला सकते हैं, तो भारत को भी पाकिस्तान जाकर 26/11 के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को पकड़ कर लाना चाहिए।
थरूर का तर्क है कि यदि दुनिया की महाशक्तियां इसी तरह एकतरफा कार्रवाई करेंगी, तो संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज वेनेजुएला में इस "गैंगस्टरवाद" को स्वीकार किया गया, तो कल चीन जैसा कोई देश किसी अन्य संप्रभु राष्ट्र के नेता के साथ ऐसा ही व्यवहार कर अंतरराष्ट्रीय कानून की दुहाई देगा।
बहरहाल, शशि थरूर की प्रतिक्रिया ने भारत का ध्यान इस बात पर केंद्रित किया है कि वैश्विक राजनीति अब नियमों के बजाय 'ताकत' के बल पर चल रही है। भारत सरकार ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए शांतिपूर्ण संवाद की अपील की है और वेनेजुएला में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
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Updated on:
04 Jan 2026 04:49 pm
Published on:
04 Jan 2026 04:48 pm
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