
Gaganyaan unmanned mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का महत्त्वाकांक्षी मिशन मानवरहित गगनयान-1 अगले साल मार्च में लॉन्च किया जा सकता है। इस मानवरहित मिशन के लिए इसरो वैज्ञानिकों की टीम भेजने की तैयारी कर रहा है। मिशन पर नजर रखने के लिए वैज्ञानिक प्रशांत महासागर और उत्तर अटलांटिक महासागर में ऑब्जरवेशन पॉइंट पर पहुंचेंगे। मिशन कामयाब रहा तो भारत 2026 तक मानवयुक्त गगनयान अंतरिक्ष में भेज सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मानवयुक्त गगनयान मिशन के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग चल रही है। इसरो का प्लान तीन दिन के मिशन का है। इसके तहत अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से 400 किलोमीटर दूर की कक्षा में भेजा जाएगा। बाद में समंदर में लैंड कराया जाएगा।
आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से गगनयान-1 मिशन की लॉन्चिंग से पहले दो जहाज में वैज्ञानिकों को रवाना किया जाएगा। एक जहाज में आठ वैज्ञानिक होंगे। इन्हें प्रशांत महासागर में लोकेशन तक पहुंचने में दो सप्ताह लगेंगे। इनके जरिए इसरो कम्युनिकेशन सर्किट तैयार करेगा। इसका संपर्क बेंगलूरु के दो ट्रैकिंग-कमांड मुख्यालयों से रहेगा।
उत्तरी अटलांटिक महासागर के लिए दूसरा जहाज न्यूयॉर्क के बंदरगाह से भेजा जाएगा। इसे पोजीशन तक पहुंचने में तीन हजार किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। दोनों जहाज के वैज्ञानिक मिशन से दो दिन पहले प्रशांत और अटलांटिक महासागर में अपने-अपने स्थान पर पहुंच जाएंगे।
Published on:
26 Nov 2024 09:32 am
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