
कुलदीप सेंगर (Photo-IANS)
Unnao rape case: उन्नाव रेप मामले में बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को बीते दिन दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता का बयान सामने आया है। पीड़िता ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट का यह फैसला उनके परिवार के लिए काल के समान है। अब वह इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
बीजेपी के पूर्व विधायक सेंगर की अर्जी को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने कहा- उन्नाव रेप मामले में पीड़िता की सुरक्षा को खतरे की आशंका मात्र से कुलदीप सिंह सेंगर को जेल में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि अदालतें केवल इस आशंका के आधार पर जमानत देने से इनकार नहीं कर सकतीं कि सुरक्षा एजेंसियां अपने कर्तव्य में विफल हो सकती हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को जमानत देते हुए कई शर्तें रखीं, जिनमें यह शामिल है कि वह पीड़िता के घर के 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं आएगा और वह पीड़िता या उसकी मां को धमकी नहीं देगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कुलदीप सेंगर शर्तों का उल्लंघन करता है तो जमानत अपने आप रद्द हो जाएगी।
बता दें कि बुधवार को पीड़िता ने मंडी हाउस में मीडिया को संबोधित करने की योजना बनाई थी। हालांकि सीआरपीएफ की सुरक्षा के चलते बस नहीं रुकी। अधिकारियों ने बताया कि मंडी हाउस या इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी और दोनों को या तो जंतर-मंतर ले जाया जाना था या उनके घर वापस भेजा जाना था।
पीड़िता की मां ने कहा कि हमें इंसाफ नहीं मिला। वे मेरी बेटी को बंदी बनाकर ले जा रहे हैं। ये सुरक्षाकर्मी हम सबको मारना चाहते हैं। वे मेरी बेटी को CRPF की गाड़ी में ले गए। कुलदीप सेंगर की बेल कैंसिल होनी चाहिए; नहीं तो हम अपनी जान दे देंगे। उन्होंने कहा कि हम सुरक्षित नहीं हैं, हमें मार दिया जाएगा।
पीड़िता की सुरक्षा के संबंध में, अदालत ने कहा कि उसे उम्मीद है कि उसे सीआरपीएफ की सुरक्षा मिलती रहेगी और उसने उस क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त को निर्देश दिया जहां वह रह रही है कि वे व्यक्तिगत रूप से उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें और उसकी निगरानी करें।
Updated on:
24 Dec 2025 05:56 pm
Published on:
24 Dec 2025 05:56 pm
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