
उन्नाव रेप केसः पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Photo- IANS)
Supreme Court on Unnao rape case: उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2017 के उन्नाव रेप मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगाने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। शीर्ष अदालत ने मामले को नए सिरे से सुनवाई और आदेश के लिए वापस हाई कोर्ट भेज दिया।
यह आदेश केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें उन्नाव रेप केस में पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई जमानत को चुनौती दी गई थी। मामले की सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने की। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले सीबीआई द्वारा दायर अपील पर उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी थी।
भारत के CJI सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने हाई कोर्ट को दो महीने के भीतर मामले की फिर से सुनवाई करने का निर्देश दिया, साथ ही स्पष्ट किया कि इस मामले का फैसला सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व आदेश को रद्द करने के निर्णय से प्रभावित हुए बिना किया जाना चाहिए। उन्होंने हाई कोर्ट से उन मुद्दों पर भी फिर से विचार करने को कहा, जिनमें यह भी शामिल है कि क्या POCSO एक्ट के तहत मुक़दमा चलाने के लिए पूर्व विधायक को 'लोक सेवक' माना जा सकता है।
इससे पहले 22 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने अपने पिता की हिरासत में मौत के मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को फांसी की सजा देने की मांग की थी।
जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की बेंच ने कहा कि पीड़िता ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा के खिलाफ अपील दायर करने में हुई 1,945 दिनों यानी पांच साल से ज्यादा की देरी के लिए 'पर्याप्त कारण' बताने में नाकाम रही। बेंच ने इस 'बिना किसी स्पष्टीकरण' वाली देरी को 'जानबूझकर की गई निष्क्रियता और लापरवाही' का मामला बताया।
Updated on:
15 May 2026 12:45 pm
Published on:
15 May 2026 12:42 pm
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