
Students demanding one crore compensation each for the families of the deceased
Delhi Rau IAS Coaching Centre: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित UPSC कोचिंग सेंटर में पानी भरने से तीन विद्यार्थियों की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने राव IAS कोचिंग के मालिक और कोऑर्डिनेटर को गिरफ्तार किया था। इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या सात हो गई है। कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। छात्र मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा, जर्जर हो चुकी इमारतों, बेसमेंट में चल रहे पीजी, लाइब्रेरी, और रेस्त्रां पर सरकार द्वारा नियमावली लाने जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने एक्स पर लिखा कि राजेंद्र नगर में घटना में 5 और गिरफ्तारियां की गई हैं, जिनमें बेसमेंट के मालिक और इमारत के गेट को नुकसान पहुंचाने वाला व्यक्ति भी शामिल है। इस मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हम मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कोचिंग सेंटर हादसे के दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राजेंद्र नगर थाने से दिल्ली पुलिस कोर्ट ले गई, जहां से दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि फर्जी खबरें फैलाने वालों को चेतावनी जारी करते हुए दिल्ली पुलिस ने लिखा, “कुछ हैंडल फर्जी खबरें फैला कर छात्रों को भड़काने के लिए राजेंद्र नगर में हुई त्रासदी का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम अनुरोध करते हैं कि ऐसे संदेशों को बिना सत्यापन के अग्रेषित न करें। ऐसे दुर्भावनापूर्ण संदेशों के पीछे के अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह पुनः दोहराया गया है कि उक्त कोचिंग सेंटर के मालिकों को कल ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रदर्शन कर रहे छात्र ने कहा, “हम चाहते हैं कि प्रशासन का कोई अधिकारी आए और हमारी डिमांड सुने और उस पर लिखित रूप से जवाब दे। यहां पर हमारे दो दिन के धरना प्रदर्शन करने के बावजूद कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं आया है। राजनीतिक पार्टियों के लोग आते तो हैं, लेकिन दूर खड़े रहकर विरोधी दलों की बुराइयां कर चले जाते हैं। हम लोगों की बात सुनने नहीं आते। राव IAS ने मृतक छात्रों के परिवारों को जो मुआवजा राशि दी है वह इस प्रेस रिलीज में मेंशन नहीं की है। हमें पीड़ित परिवार के लिए कम से कम एक करोड़ का मुआवजा चाहिए। इसके अलावा यहां पर जितने पीजी, लाइब्रेरी, और रेस्त्रां बिल्डिंग के नीचे के तल से चल रहे हैं, उन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद किया जाए। जिन इमारतों की जीवन अवधि खत्म हो चुकी है, उनका NOC कैंसिल किया जाए। इस इलाके में जर्जर हो चुकी करीब बीस से तीस इमारतों में कई छात्र किराया देकर रह रहे हैं। उसके लिए भी नियम बनाए जाएं। यहां के CCTV सिस्टम और पानी के निकास की व्यवस्था भी एकदम जर्जर हो चुकी है, जिसे भी ठीक किया जाए।
Published on:
29 Jul 2024 02:52 pm
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