
‘भारत विरोधी’ नेता की हत्या के आरोपी भारत में पकड़े गए… जानिए क्या है पूरा मामला? फोटो में उस्मान हादी (इमेज सोर्स: एक्स यूजर)
Usman Hadi Murder Case Update: बांग्लादेश में हुए एक सनसनीखेज हत्या मामले ने अब भारत तक हलचल मचा दी है। ‘भारत विरोधी’ माने जाने वाले नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोप में दो संदिग्धों को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किया गया है।
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने रविवार को कार्रवाई करते हुए इन दोनों बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी पिछले साल दिसंबर में हुई उस्मान हादी की हत्या के बाद अवैध तरीके से भारत में घुस आए थे और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके में छिपकर रह रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों सही मौका मिलते ही वापस बांग्लादेश भागने की फिराक में थे। लेकिन उससे पहले ही एसटीएफ को इनकी मौजूदगी की सूचना मिल गई और टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया। इस गिरफ्तारी के बाद सीमा पार अपराध और सुरक्षा को लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं।
बता दें पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद (37) और आलमगीर हुसैन (34) के रूप में हुई है। दोनों को उत्तर 24 परगना जिले के बोंगांव उपमंडल के अंतर्गत भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद बांग्लादेश के पटुआखाली का निवासी है, जबकि आलमगीर हुसैन ढाका का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि बांग्लादेश में हत्या और जबरन वसूली जैसे गंभीर अपराधों में शामिल दो बांग्लादेशी नागरिक अपने देश से भागकर अवैध रूप से भारत में घुस आए हैं।
सूचना के अनुसार दोनों आरोपी पश्चिम बंगाल के बोंगांव के सीमावर्ती इलाके में छिपे हुए थे और सही मौका मिलने का इंतजार कर रहे थे, ताकि दोबारा बांग्लादेश लौट सकें। इस जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने कार्रवाई की और 7–8 मार्च की रात छापेमारी करके दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों ने बांग्लादेश के राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या की थी और इसके बाद फरार हो गए थे। जांच में यह भी पता चला है कि हत्या के बाद आरोपी मेघालय सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए। इसके बाद वे कई इलाकों से गुजरते हुए आखिर में पश्चिम बंगाल के बोंगांव पहुंच गए, जहां से उनका इरादा फिर से बांग्लादेश लौटने का था।
पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भारत में आने और छिपने में उनकी किसी स्थानीय नेटवर्क ने मदद तो नहीं की।
Updated on:
08 Mar 2026 10:24 pm
Published on:
08 Mar 2026 10:24 pm
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