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उपराष्ट्रपति चुनावः 55 सांसदों ने नहीं की वोटिंग, इसमें भाजपा के भी दो MP शामिल, एक तो दिग्गज फिल्मस्टार

Vice Presidential election 2022: देश के 16वें उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव संपन्न हो गया है। इस समय वोटों की गिनती जारी है। कुछ देर में रिजल्ट की घोषणा होगी। एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ की जीत तय मानी जा रही है। इस बीच यह जानकारी मिली कि इस चुनाव में 55 सांसदों ने वोटिंग नहीं की।

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Vice Presidential election 2022 55 MPs can't Vote including Sunny Deol

Vice Presidential election 2022: भारत के नए उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया है। चुनाव अधिकारी ने वोटिंग समाप्त होने की पुष्टि की। संसद में आज सुबह 10 बजे वोटिंग शुरू हुई थी, जो शाम 5 बजे तक चली। इसके बाद चुनाव नतीजे भी आज ही जारी किए जाएंगे। दोनों सदनों में राजग की मजबूत स्थिति को देखते हुए धनखड़ का जीत तय मानी जा रही है। इस बीच चुनाव आयोग के सूत्रों से मिली जानकारी के उपराष्ट्रपति चुनाव से 55 सांसद नदारत रहे।

बताया गया कि उपराष्ट्रपति चुनाव में 55 सांसदों ने वोट नहीं किया। करीब 93 प्रतिशत मतदान होने की खबर सामने आई है। बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 788 सांसदों का निर्वाचक मंडल है। लेकिन जम्मू कश्मीर के 4, नामांकित की 3 और त्रिपुरा की 1 सहित कुल 8 राज्यसभा सीटें अभी खाली चल रही है। ऐसे में कुल 780 सांसदों को वोट करना था।

भाजपा के इन दो सांसदों ने नहीं की वोटिंग-
उपराष्ट्रपति चुनाव में 780 में से 725 सांसदों ने ही वोट डाला। बताया गया कि टीएमसी के दो सांसदों शिशिर अधिकारी और दिवेंदु अधिकारी ने वोट किया, जबकि टीएमसी ने मतदान में भाग न लेने का फैसला किया था। भाजपा के दो सांसदों ने भी वोटिंग नहीं की। बीजेपी सांसद संजय धोत्रे स्वास्थ्य कारणों से वोट नहीं कर सके। जबकि मशहूर फिल्म स्टार और भाजपा सांसद सनी देओल भी वोटिंग से नदारत रहे। बताया जा रहा कि सनी देओल देश से बाहर हैं। सनी देओल ने राष्ट्रपति चुनाव में भी वोटिंग नहीं की थी।

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वोटिंग नहीं करने वाले सांसदों पर उठ रहे सवाल-
इसके अलावा जेल में होने के कारण शिवसेना सांसद संजय राउत भी वोट नहीं दे सके। इसके अलावा बसपा के एक सांसद भी वोटिंग से गायब रहे। ऐसे में देश के दूसरे सबसे बड़े पद की वोटिंग से सांसदों के गायब रहने से सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि खुद के चुनाव में लोगों से घर-घर जाकर वोटिंग की अपील करने वाले सांसदों का वोटिंग नहीं करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।