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बंगाल में ECI की सख्त कार्रवाई, चुनाव में पक्षपात के आरोप में 5 पुलिसकर्मी ससपेंड

Election Commission Suspension: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में कथित पक्षपात और दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 5 पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
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कोलकाता

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Devika Chatraj

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Updated: 25 Apr 2026, 10:13 AM IST

ECI की बड़ी कार्रवाई (IANS)

West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान कई स्थानों पर कानून-व्यवस्था और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठे। आरोप है कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने मतदान के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और अपने पद का दुरुपयोग किया। इसी मामले में अब चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त रुख अपनाते हुए 5 पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

किन अधिकारियों पर गिरी गाज?

निलंबित किए गए अधिकारियों में IPS अधिकारी समेत SDPO और थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। सूची इस प्रकार है-

  • संदीप गरई, IPS, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), डायमंड हार्बर
  • सजल मंडल, SDPO, डायमंड हार्बर
  • मौसम चक्रवर्ती, प्रभारी निरीक्षक, डायमंड हार्बर पुलिस स्टेशन
  • अजय बाग, प्रभारी निरीक्षक, फाल्टा पुलिस स्टेशन
  • सुभेच्छा बाग, प्रभारी अधिकारी, उस्ती पुलिस स्टेशन

ये सभी अधिकारी डायमंड हार्बर क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और इन पर गंभीर कदाचार व पक्षपात के आरोप लगाए गए हैं।

चुनाव आयोग का सख्त रुख

चुनाव आयोग ने मतदान के दिन कई स्थानों पर निष्पक्षता की कमी और कथित दुर्व्यवहार को गंभीरता से लिया। आयोग ने पहले ही संकेत दिया था कि ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग के निर्देश पर इन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई, जिसके तहत उन्हें निलंबित कर दिया गया।

पुलिस अधीक्षक को भी चेतावनी

डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशानी पाल को भी चुनाव आयोग ने चेतावनी जारी की है। उन पर आरोप है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर नियंत्रण और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहीं।

चुनाव के दौरान हुई घटनाएं

23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था। इस दौरान कई जगहों पर छिटपुट झड़पों की खबरें सामने आईं। कुछ स्थानों पर भाजपा उम्मीदवारों के साथ मारपीट और हमले के आरोप भी लगे, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठे।