
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज (ANI Photo)
Meenakshi Natarajan Nomination Rejected: राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) का नामांकन रद्द होने के बाद अब सीधे कानूनी जंग शुरू हो गई है। तेलंगाना हाई कोर्ट के एडवोकेट करुणा सागर (Advocate Karuna Sagar) ने कहा है कि मीनाक्षी नटराजन ने चुनावी हलफनामे में हैदराबाद कोर्ट के एक पेंडिंग क्रिमिनल केस की जानकारी जानबूझकर छिपाई थी। वकील के ने कहा, 'रिटर्निंग ऑफिसर का यह फैसला पूरी तरह कानून के दायरे में है, जिसने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।'
इस मामले पर एडवोकेट करुणा सागर ने कहा, 'राज्यसभा सांसद पद के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने वाले रिटर्निंग ऑफिसर ने कानून के मुताबिक काम किया है। इसकी वजह यह है कि मीनाक्षी नटराजन ने फॉर्म 6 और हलफनामे में अपना नामांकन भरते समय यह बात छिपाई कि हैदराबाद की नामपल्ली क्रिमिनल कोर्ट में उनके खिलाफ एक महिला ने गंभीर आरोपों के तहत आपराधिक मामला दर्ज कराया है, जो अभी लंबित है।'
मीनाक्षी नटराजन को इस केस की पूरी जानकारी पहले से थी। करुणा सागर ने दावा किया कि हैदराबाद की नामपल्ली क्रिमिनल कोर्ट में एक महिला द्वारा दर्ज कराए गए इस मामले में नटराजन को नोटिस भी तामिल हो चुका था। वकील करुणा सागर ने कहा, 'उन्हें नोटिस दिया गया और उन्होंने एक वकील भी नियुक्त किया है, जिन्होंने अदालत में अपनी वकालतनामा दाखिल किया है और साथ ही शिकायतकर्ता द्वारा निजी शिकायत में दायर याचिकाओं के जवाब में कई काउंटर-जवाब भी दाखिल किए हैं।'
वहीं, इस खुलासे के बाद वकील ने कांग्रेस नेता की मंशा पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आधिकारिक तौर पर बयान दिया, 'इससे साफ पता चलता है कि मीनाक्षी नटराजन को आपराधिक अदालत में चल रहे मामले की जानकारी थी, और अपने चुनावी हलफनामे में इस आपराधिक मामले को छिपाना जानबूझकर किया गया काम है। रिटर्निंग ऑफिसर ने सही फैसला लिया है और मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया है।'
कांग्रेस इस पूरी कार्रवाई को सरकार की साजिश बता रही है। खुद मीनाक्षी नटराजन ने इस फैसले पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को 'सीट चोरी' करार दिया और इसे लोकतंत्र का गला घोंटना बताया।
मुंबई के तिलक भवन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसी नेताओं का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए जानबूझकर तकनीकी कमियां निकालकर बड़े नेताओं के नामांकन पत्र खारिज किए जा रहे हैं।
Published on:
10 Jun 2026 09:15 pm
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