
मोदी सरकार की योजनाओं को टक्कर दे रही ममता की योजनाएं
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी की पार्टी और बीजेपी ने तैयारी भी शुरू कर दी है। बिहार चुनाव जीतने के बाद अब बीजेपी ने बंगाल को जीतने का लक्ष्य बना रखा है। हालांकि बीजेपी के लिए यह लक्ष्य पाना आसान नहीं होगा। वहीं बंगाल में ममता सरकार की कई ऐसी योजनाएं है, जो कि मोदी सरकार की योजनाओं को टक्कर देती है।
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सीएम ममता बनर्जी अपनी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। क्योंकि हाल ही में कई राज्यों में हुए चुनावों में प्रदेश सरकार की योजनाओं के बदौलत ही पार्टियां सत्ता में बरकरार रही है। आइए जानते है ममता सरकार की योजनाओं के बारे में…
पश्चिम बंगाल सरकार ने 18 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा श्रमश्री योजना की शुरुआत की, जो बंगाली भाषी प्रवासी मजदूरों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। अन्य राज्यों में भाषाई भेदभाव, उत्पीड़न और नौकरी छिनने के कारण घर लौटने वाले लगभग 22.4 लाख मजदूरों को यह योजना पुनर्वासित करने का वादा करती है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र मजदूर को राज्य सरकार की ओर से नई नौकरी मिलने तक 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
पश्चिम बंगाल सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना 2016 में शुरू हुई थी। यह देश की सबसे व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत राज्य के हर परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क कैशलेस इलाज मिलता है। इसमें सरकारी व निजी अस्पताल दोनों शामिल हैं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने अभी तक केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को लागू नहीं किया है, जिससे स्वास्थ्य साथी राज्य के लाखों लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य कवरेज कार्यक्रम बन गया है।
बंगाल सरकार की बांग्लार बारी राज्य के ग्रामीण गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। यह योजना पहले की “गीतांजलि” एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के साथ समन्वय करते हुए 2022 में शुरू हुई। सरकार द्वारा 12 लाख से ज़्यादा परिवारों को आवास प्रदान करने के लिए संसाधन आवंटित करने के साथ, यह पहल एक बुनियादी ज़रूरत को पूरा करने से कहीं ज़्यादा है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं एवं छात्राओं के सशक्तिकरण हेतु कई महत्वपूर्ण योजनाएँ चलाई हैं। जैसे- कन्याश्री और आनंदधारा। इन योजनाओं को उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और वित्तीय प्रोत्साहन देना है। साथ ही छात्रों को पढ़ाई के लिए बढ़ावा देना है।
पश्चिम बंगाल सरकार की ‘खाद्य साथी’ योजना राज्य की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ है। 2016 में शुरू इस योजना के तहत 8.7 करोड़ से अधिक लोगों (लगभग 90% आबादी) को प्रति माह मात्र 2 रुपये किलो की दर से 5 किलो चावल/गेंहू मिलता है। यह देश की सबसे व्यापक और सस्ती राशन योजनाओं में से एक है।
Published on:
03 Dec 2025 07:43 pm
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