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गंगासागर का सफर होगा आसान: 1,700 करोड़ के ‘गंगासागर सेतु’ का शिलान्यास, अब घंटों की दूरी मिनटों में

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 1,700 करोड़ रुपये की लागत वाले 'गंगासागर सेतु' का शिलान्यास किया। 4.75 किमी लंबा यह 4-लेन पुल मुरीगंगा नदी पर बनेगा, जो काकद्वीप को सीधे सागर द्वीप से जोड़ेगा। जानें कैसे यह पुल गंगासागर तीर्थयात्रियों का घंटों का सफर मिनटों में बदल देगा।

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Mamata Banerjee, Gangasagar Setu project

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में 'गंगासागर सेतु' की आधारशिला रखी। ₹1,700 करोड़ की लागत वाला यह पुल सागर द्वीप और काकद्वीप के बीच कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। (फोटो साभार: ANI)

Gangasagar Setu: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सागर द्वीप में गंगासागर सेतु का शिलान्यास किया। इस पुल परियोजना की कुल लागत लगभग 1,700 करोड़ रुपए है। अगले दो से तीन वर्ष में पुल निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने इसे गंगासागर तीर्थयात्रियों और सागर क्षेत्र के लोगों के लिए पौष संक्रांति से पहले विशेष उपहार बताया।

4.75 किलोमीटर लंबा, चार लेन का होगा पुल

मुरीगंगा नदी पर बनने वाला यह पुल 4.75 किलोमीटर लंबा और चार लेन का होगा। यह पुल दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप को सीधे सागर द्वीप से जोड़ेगा, जिससे गंगासागर मेले और स्थानीय आवागमन में बड़ा बदलाव आएगा। पुल बनने से सागर द्वीप पर शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों तक पहुंच अधिक सुगम, तेज और सुलभ होगी।

अब फेरी की लाइन से मिलेगी छुट्टी

इस पुल से गंगासागर मेले में सुविधा बढ़ेगी जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, अब उन्हें केवल फेरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। फेरी सेवा में औसतन 45 मिनट से 1.5 घंटे लगते हैं और भीड़ या खराब मौसम में यह समय और बढ़ जाता है। बरसात या तूफान के दौरान फेरी सेवा बाधित हो जाती है, जिससे यात्रा कई घंटों तक रुक जाती है।

पुल बनने से समय बचेगा

4.75 किमी लंबे पुल से सीधा सड़क मार्ग उपलब्ध होगा। यात्रा समय घटकर केवल 10–15 मिनट रह जाएगा। यानी औसतन 30 मिनट से 1 घंटे की बचत होगी, और मौसम की बाधा भी नहीं रहेगी।