scriptExplainer: विपक्ष के 141 निलंबित सांसदों पर क्या क्या लगाई गई पाबंदियां, जानिए क्या हैं नियम | What are restrictions imposed on 141 suspended opposition MPs, know what are the rules | Patrika News
राष्ट्रीय

Explainer: विपक्ष के 141 निलंबित सांसदों पर क्या क्या लगाई गई पाबंदियां, जानिए क्या हैं नियम

संसद के शीतकालीन सत्र में निलंबित होने वाले सांसदों की संख्या बढ़कर 141 हो चुकी है। आइए जानते है ऐसा क्यों किया गया और संसद के नियम क्या कहते हैं।

Dec 20, 2023 / 01:31 pm

Shaitan Prajapat

parliament09.jpg

what the rule by which member of parliament suspended : संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा से कुल 95 सांसदों को और राज्यसभा से 46 सदस्यों को सस्पेंड किया गया है। इन 141 निलंबित सांसदों पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप है। निलंबित सांसदों पर एक और बड़ा एक्शन लिया गया है। लोकसभा सचिवालय ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि निलंबित सांसदों को संसद कक्ष, लॉबी और गैलरियों में भी प्रवेश पर रोक लगाई गई है। वहीं अब सांसदों के निलंबन पर पर कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। संसदीय कार्यवाही के बाद इंडिया गठबंधन ने शुक्रवार को मोदी सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। आइए जानते है निलंबित सांसदों पर क्या क्या रोक लगाई गई और संसद के नियम क्या करते हैं।

https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw
कौन और कैसे कर सकते हैं सांसदों को निलंबित

लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा स्पीकर किसी भी सांसद को निलंबित कर सकता है। लोकसभा अध्यक्ष संचालन नियमों के नियम 373, 374 और 374ए के अनुसार निर्णय लेता है। वहीं, राज्यसभा में सभापति नियमावली के नियम 255 और 256 के मुताबिक काम करते हैं। दोनों सदनों की प्रक्रिया कुछ हद तक एक जैसी ही है। अगर सभापति को लगता है कि किसी सदस्य घोर अव्यवस्थापूर्ण व्यवहार करता है तो उसको राज्यसभा से चले जाने का निर्देश दिया जाता है। इसी प्रकार नियम 374 के तहत लोकसभा स्पीकर भी किसी सदस्य द्वारा बार-बार सदन की कार्यवाही में बाधा डालने पर सेशन के लिए सस्पेंड कर सकता है।

https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw


निलबित सांसदों पर क्या क्या लगती हैं पाबंदियां

– निलंबित सांसद चैंबर, लॉबी और गैलरी में प्रवेश नहीं कर सकते है।
– निलंबन के बाद शेष बचे हुए सत्र के लिए सदन की सेवा में शामिल नहीं हो सकते है।
– सदस्य को निलंबन अवधि के दौरान दैनिक भत्ता नहीं मिलता है।
– सदस्य के निलंबन की अवधि के दौरान दिया गया कोई भी नोटिस स्वीकार्य नहीं किया जाता है।
– सांसद अपने निलंबन की समय अवधि के दौरान होने वाले समितियों के चुनावों में मतदान नहीं कर सकते है।
– ड्यूटी के स्थान पर उनका रहना धारा 2 (डी) के तहत ‘ड्यूटी पर निवास’ के रूप में नहीं माना जा सकता है।
– अगर वह किसी संसदीय समिति के सदस्य है तो वह संसदीय समितियों की बैठकों में हिस्सा नहीं ले सकते।

यह भी पढ़ें

उपराष्ट्रपति धनखड़ से पीएम नरेंद्र मोदी ने की बात, कहा- मुझे भी इन्होंने नहीं छोड़ा, 20 वर्ष से…



कब हुआ था सबसे बड़ा निलंबन

भारत के इतिहास में लोकसभा में सबसे बड़ा निलंबन साल 1989 में हुआ था। उस समय सांसद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या पर ठक्कर कमीशन की रिपोर्ट को संसद में रखे जाने पर भारी हंगामा कर रहे थे। हंगामा के कारण अध्यक्ष ने 63 सांसदों को निलंबित कर दिया था। जनवरी 2019 में स्पीकर सुमित्रा महाजन ने TDP और AIADMK के 45 सांसदों को सस्पेंड किया था।

यह भी पढ़ें

विपक्षी सांसदों के निलंबन पर हेमा मालिनी बोली, इतने सवाल करेंगे तो…

क्या कोर्ट में दी जा सकती है चुनौती

सांसद निलंबन के खिलाफ कोर्ट में नहीं जा सकती है। क्योंकि यह न्यायालय के कार्यक्षेत्र में नहीं आता। यह मामला संसद के अनुशासन से संबंधित होता है। राज्यसभा के सभापति की मर्जी पर निलंबन वापस भी हो सकता है। निलंबित सदस्यों के माफी मांगने पर भी इसे वापस लिया जा सकता है।

यह भी पढ़ें

जापान ने कोलकाता पर गिराए थे बम, जानें क्या है इस पुल का इतिहास और खासियत



निलंबन के बाद विपक्ष सांसद ने की थी मिमिक्री

आपको बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र में जबरदस्त हंगामा हुआ। इसके बाद विपक्ष के 141 सांसदों को हंगामा करने की वजह से निलंबित कर दिया गया। इसके खिलाफ विपक्षी सांसद 19 दिसंबर को संसद भवन के बाहर बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे। तभी तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की नकल उतारकर मिमिक्री की थी।

यह भी पढ़ें

Video: राम मंदिर थीम पर 5000 अमरीकन हीरों से बनाया अनोखा हार, 40 कारीगरों ने 35 दिन में किया तैयार




Hindi News/ National News / Explainer: विपक्ष के 141 निलंबित सांसदों पर क्या क्या लगाई गई पाबंदियां, जानिए क्या हैं नियम

loksabha entry point

ट्रेंडिंग वीडियो