
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और बीजेपी विधायक आशा नौटियाल
Kedarnath Dham Yatra 2025:उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थल केदारनाथ धाम यात्रा 2025 इस साल 2 मई से शुरू होने जा रही है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं, लेकिन इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग उठाई जा रही है।
केदारनाथ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक आशा नौटियाल ने हाल ही में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि यात्रा प्रबंधन को लेकर हुई एक बैठक में कुछ लोगों ने शिकायत की कि गैर-हिंदू तत्व धाम की पवित्रता भंग करने का प्रयास कर रहे हैं।
विधायक ने कहा, केदारनाथ एक पवित्र स्थान है और यदि कोई भी ऐसा कुछ कर रहा है जिससे इसकी छवि धूमिल हो, तो उन पर रोक लगाई जानी चाहिए। कुछ घटनाएं होती हैं जो सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आतीं, लेकिन वे धाम की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हैं। आशा नौटियाल ने दावा किया कि कुछ गैर-हिंदू तीर्थयात्रियों के आचरण पर सवाल उठे हैं, इसलिए ऐसे लोगों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने पर विचार किया जाना चाहिए।
बीजेपी विधायक के इस बयान पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, जब मैं मुख्यमंत्री था, तब भी बाढ़ के दौरान ऐसे मुद्दे सामने आए थे, और हमने उचित कार्रवाई की थी। अगर अब भी ऐसा कुछ है, तो इसे बिना हंगामा किए हल किया जाना चाहिए। हरीश रावत ने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री स्तर का नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन (DM) और पुलिस (SSP) की जिम्मेदारी है कि वे इस पर जांच करें और उचित कार्रवाई करें।
उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद यात्रा की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि यात्रा में किसी तरह की परेशानी न हो और तीर्थयात्रियों को सुगम दर्शन का अवसर मिले।
हालांकि, गैर-हिंदुओं की एंट्री बैन करने की मांग को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और प्रशासन इस मामले को किस तरह से सुलझाता है।
Updated on:
16 Mar 2025 08:19 pm
Published on:
16 Mar 2025 08:15 pm
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