17 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘इंडी अलायंस हाय-हाय, शर्म करो-शर्म करो’, महिला आरक्षण बिल गिरने पर संसद में NDA का प्रदर्शन

Women's Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए।

2 min read
Google source verification
NDA leaders

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद संसद परिसर में विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन करते NDA सांसद। (Photo - ANI)

NDA protest Parliament: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पास नहीं हो पाया है, ऐसे में एनडीए नेताओं ने शुक्रवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सत्ता पक्ष ने विपक्ष की कड़ी निंदा करते हुए नारे लगाए और कहा, 'इंडी अलायंस हाय हाय'। इसके अलावा एनडीए की महिला सांसदों ने भी संसद परिसर में अलग से विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने तख्तियां पकड़ीं और विपक्ष के खिलाफ 'शर्म करो, शर्मा करो' के नारे लगाए।

सांसदों ने क्या कहा?

भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने इसे देश की नारी शक्ति की हार बताया। उन्होंने कहा कि देश की 'नारी शक्ति' ने आज देखा कि कैसे इंडी अलायंस और कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक को विफल कर दिया। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।'

इसी बीच, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कांग्रेस और विपक्ष को 'महिला विरोधी' करार दिया। भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने अठावले के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस हर चीज का विरोध करती है। देश की महिलाएं कांग्रेस को माफ नहीं करेंगी। कांग्रेस पार्टी, विशेषकर राहुल गांधी, हर बात का विरोध करते हैं। आज जब मोदी सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है, तब विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। यह स्पष्ट है कि वे 'नारी वंदन' और महिलाओं के प्रतिनिधित्व के खिलाफ हैं। देश की महिलाएं उन्हें माफ नहीं करेंगी।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विधेयक के प्रति कांग्रेस के विरोध को देश को विभाजित करने का उनका एजेंडा बताया। उन्होंने कहा कि मतदान के परिणाम ने कांग्रेस की रणनीति को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा, 'महिलाओं के लिए आरक्षण हेतु संविधान संशोधन विधेयक को जिस तरह से आज पराजित किया गया और जिस तरह से कांग्रेस ने एक बार फिर देश को विभाजित करने का अपना एजेंडा खुलकर सामने रखा है, उससे कांग्रेस की रणनीति, चरित्र और चेहरा बेनकाब हो गया है।'

इसके अतिरिक्त, लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) सांसद अरुण भारती ने विपक्ष से महिलाओं के प्रति उनके समर्थन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष महिला सशक्तिकरण को लागू करने के लिए तैयार नहीं है।

दूसरी ओर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने के बाद विपक्ष ने संविधान पर इस हमले को विफल कर दिया है।

महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा

आपको बता दें कि लोकसभा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल पास होने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन मत विभाजन के दौरान पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। इसके चलते महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल गिर गया। लोकसभा में बिल के पास होने के लिए कुल 352 वोट चाहिए थे।