11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) व आयुष मंत्रालय मिलकर करेंगे पहले ‘पारंपरिक चिकित्सा वैश्विक शिखर सम्मेलन’ की मेजबानी

Traditional Medicine Global Summit: 17-18 अगस्त को गुजरात के गांधी नगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा वैश्विक स्तर पर शिखर सम्मेलन आयोजन किया जा रहा है।

3 min read
Google source verification
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) व आयुष मंत्रालय मिलकर करेंगे पहले ‘पारंपरिक चिकित्सा वैश्विक शिखर सम्मेलन’ की मेजबानी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) व आयुष मंत्रालय मिलकर करेंगे पहले ‘पारंपरिक चिकित्सा वैश्विक शिखर सम्मेलन’ की मेजबानी

Traditional Medicine Global Summit: गुजरात के गांधी नगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा वैश्विक स्तर पर अगामी 17-18 अगस्त को शिखर सम्मेलन आयोजन किया जा रहा है। इस तरह का यह पहला शिखर सम्मेलन होगा। यह मंच पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा पर आधारित यह अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में भविष्य में स्वास्थ्य और जनकल्याण की दिशा सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ-साथ, पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति और साक्ष्य-आधारित व पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञों और चिकित्सकों के लिए एक महत्वूपर्ण मंच साबित होगा।


डब्ल्यूएचओ और आयुष मंत्रालय की संयुक्त प्रेसवार्ता में केंद्रीय आयुष और महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. मुंजपरा महेंद्रभाई ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन के समापन पर होने वाले घोषणापत्र से पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र में ‘डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिश्नल मेडिसिन’ (GCTM) को भविष्य में नए आयाम मिलेंगे। पिछले साल जामनगर में ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन के शिलान्यास के बाद अब भारत में ही पहले वैश्विक शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा जा रहा है।

यह हमारे देश की विभिन्न पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों द्वारा की गई बहुआयामी प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अपनी दूरदर्शी नीतियों और डिजिटल पहल से पारंपरिक प्रथाओं को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ मिश्रित करके भारत ने पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के माध्यम से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) प्राप्त करने का मार्ग प्रदर्शित किया है।" दुनिया की लगभग 80 प्रतिशत आबादी पारंपरिक चिकित्सा, जैसे कि हर्बल मिश्रण, एक्यूपंक्चर, योग, आयुर्वेदिक चिकित्सा और स्वदेशी चिकित्सा का उपयोग करती है।

इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए श्री मनोज झालानी, निदेशक, स्वास्थ्य प्रणाली विकास विभाग, डब्ल्यूएचओ दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्रीय केंद्र ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि इस शिखर सम्मेलन से भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक समग्र और स्वस्थ दुनिया बनाने की दिशा में एक रोडमैप तैयार होगा, जिससे मानव स्वास्थ्य और जनकल्याण के नए रास्ते बनेंगे।

उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस , केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मनसुख एल. मंडाविया और केंद्रीय आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोणोवाल की उपस्थिति में शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। शिखर सम्मेलन में G20 के स्वास्थ्य मंत्रियों, WHO के क्षेत्रीय निदेशकों और WHO के छह क्षेत्रीय केंद्रों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, पारंपरिक चिकित्सा के चिकित्सक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के सदस्य शामिल होंगे।

सम्मेलन में अनुसंधान, साक्ष्य, नीति, डेटा, विनियमन (रेगुलेशन), नवाचार, डिजिटल स्वास्थ्य, जैव विविधता, समानता और देशज ज्ञान पर प्रतिष्ठित वक्ता अपने वक्तव्य देंगे। इस दौरान एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें WHO तथा भारत के साझा प्रयास से समस्त विश्व की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियाँ प्रदर्शित की जाएंगी। डब्ल्यूएचओ ने वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के को दिखाने के लिए इस प्रदर्शनी में "कल्पवृक्ष" के रूप में प्राकृतिक पर्यावरण के साथ पारंपरिक चिकित्सा के अंतर्संबंध को प्रदर्शित किया है, जो प्रदर्शनी का एक मुख्य आकर्षण होगा। मंत्रालय के कन्वेंशन सेंटर में योग और ध्यान सत्र भी आयोजित होंगे।

एक विस्तृत प्रस्तुति में, आयुष मंत्रालय के संयुक्त सचिव, श्री राहुल शर्मा ने विश्व स्वास्थ्य और कल्याण के लिए इस शिखर सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डाला और प्रदर्शनी की मुख्य विशेषताएं बताईं। कहा कि यह प्रदर्शनी आयुष की प्रभावशाली और औषधीय पौधों की समृद्ध जैव विविधता को भी प्रदर्शित करेगी। इसमें कुछ इंटरैक्टिव कियोस्क भी होंगे।

इस शिखर सम्मेलन के दौरान आयुष मंत्रालय कन्वेंशन सेंटर में योग और ध्यान सत्र आयोजित करेगा, इसके अलावा होटल स्थलों पर भी ध्यान सत्र होंगे, साथ ही महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में योग-ब्रेक का अभ्यास भी होगा। 2022 में WHO ने भारत सरकार के सहयोग से ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की स्थापना की थी। भारत के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पिछले वर्ष WHO के महानिदेशक की उपस्थिति में WHO-GCTM की आधारशिला रखी। यह केंद्र भारत के आयुष मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक सहयोगी परियोजना है और दुनिया भर में पारंपरिक चिकित्सा के लिए पहला और एकमात्र वैश्विक केंद्र है।

WHO-GCTM पारंपरिक चिकित्सा से संबंधित सभी वैश्विक स्वास्थ्य मामलों पर नेतृत्व प्रदान करेगा और साथ ही पारंपरिक चिकित्सा अनुसंधान, प्रथाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न नीतियों को दिशा देने में सदस्य देशों को समर्थन प्रदान करेगा। इसी क्रम में पारंपरिक चिकित्सा पर डब्ल्यूएचओ वैश्विक शिखर सम्मेलन के रूप में होने वाला यह बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।