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PM मोदी के सामने होगी महिला पंचायत, खाप महापंचायत ने किया ऐलान

Mahila Panchayat at New Parliament Building: खाप महापंचायत ने ऐलान किया है कि प्रधानमंत्री मोदी जिस दिन नए संसद भवन का उद्घाटन करने आएंगे, उस दिन उसी नए संसद भवन के सामने महिला महापंचायत होगी।

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Mahila Panchayat at New Parliament Building: खाप महापंचायत ने फैसला किया है कि भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन का समर्थन करने वाली महिलाएं 28 मई को नए संसद भवन के समक्ष पंचायत करेंगे। बता दें कि इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का उद्घाटन करने वाले हैं। अबतक इस मामले पर मोदी ने कुछ भी बयान नहीं दिया है, अब इस दिन होने वाले महिला पंचायत पर उनका क्या रुख होता है, ये देखना दिलचस्प होगा। धरने में शामिल पहलवान बजरंग पुनिया ने बताया कि खाप महापंचायत ने कुछ फैसले लिए हैं। जिसके तहत संसद भवन के सामने 28 मई को महिला पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले पहलवान 23 मई को जंतर मंतर से इंडिया गेट तक कैंडल लाइट मार्च करेंगे।


पांच घंटे में लोग पहुंच जाएंगे

खाप पंचायत के नेताओं ने रोहतक में एक दिन की बैठक की। जिसमें किसी बड़े फैसले की उम्मीद जताई जा रही थी। आखिर में उन्होंने संसद में तक जाने का फैसला कर ही लिया। प्रदर्शनकारी पहलवानों में साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत ने भाग लिया। जबकि बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट जंतर मंतर पर जारी धरना स्थल पर डटे रहे। पुनिया ने बताया कि खाप महापंचायत में चार फैसले किए गए हैं।

जिसमें पहला है नए संसद भवन के सामने 28 मार्च को महिला पंचायत का आयोजन। इससे पहले सभी पहलवान 23 मई को जंतर मंतर से इंडिया गेट तक कैंडल लाइट मार्च करेंगे। कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को उन्होंने दोहराया और यह भी दावा किया कि पहलवानों के बुलावे पर खाप के लोग महज 5 घंटे के भीतर ही धरना स्थल पर पहुंच जाएंगे।

पीएम मोदी अब तक इस मामले पर हैं बिल्कुल चुप

जबसे पहलवान, कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरने पर बैठे हैं तभी से एक तबके की मांग रही है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मामले में अपनी कोई राय रखें और जल्द से जल्द बृजभूषण शरण सिंह पर कोई कार्रवाई हो। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले पर अभी तक एक शब्द भी नहीं बोला है। अब जिस दिन मोदी ने संसद भवन का उद्घाटन करने जाएंगे उसी दिन हजारों की संख्या में महिलाओं को पंचायत के लिए जुटाया जाएगा।

अगर इसके बाद भी पीएम इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलते हैं तो यह बताने का प्रयास किया जायेगा की पीएम मोदी को पहलवानों की परवाह तो नहीं ही थी, अब उन्हें देश की आम महिलाओं की परवाह भी नहीं रही। पंचायत के कारण कहीं उस कार्यक्रम के रंग में भंग न पड़ जाए।

पहलवानों का कहना है की जब हमारे देश के खिलाड़ी मेडल जीतते हैं, तो पीएम मोदी इनसे बात करने के लिए सबसे पहले जाते हैं। उनसे वीडियो कॉल में बात करते हैं। लेकिन उन्हीं पहलवानों में से कुछ के साथ कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ने इतना बड़ा अपराध किया है, फिर भी पीएम मोदी उनके खिलाफ एक शब्द नहीं बोल रहे हैं। यह देश के लिए मेडल जीतने वाले पहलवानों के मेहनत का अपमान है।

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