
जनरल वार्ड में इस तरह मरीजों को घर से लाना पड़ रहे हैं पंखे।
नीमच. कहने को तो जिला चिकित्सालय है, लेकिन सुविधाएं किसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के समान ही हैं। न बिस्तरों पर चादर ही बिछे होते हैं और नहीं ही मरीजों के लिए पंखों की व्यवस्था ही रहती है। इस असुविधाओं के बीच मरीज के परिजनों को अपने घर से चादर और पंखे की व्यवस्था करना पड़ती है। चौकाने वाली बात तो यह है कि डिलेवरी के लिए आईं महिलाओं को गलियारों में लेटाया जाता है। सकरी जगह पर कैसे जच्चा-बच्चा का ध्यान रखा जाता होगा इसकी केवल कल्पना भर की जा सकती है।
अस्पताल स्टॉफ की मनमानी
जिला अस्पताल में कुछ साल पहले पार्किंग के लिए वाहन स्टैंड प्रारंभ किया गया। स्टैंड पर वाहन खड़े करने के लिए बकायदा किराया वसूला जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में स्टैंड पर वाहनों की अच्छी खासी संख्या रहती है। बावजूद इसके प्रभावशाली लोग मनमानी करते हुए अस्पताल परिसर में जहां तहां वाहन खड़े कर अव्यवस्था फैलाने का काम करते हैं। इस कार्य में अस्पताल स्टॉफ भी कम नहीं है। इनकी मनमानी ने सारी हदें पार कर दी है। डिलेवरी वार्ड के मुख्य गेट के सामने ही स्टॉफ अपने दो पहिया वाहन पार्क करते हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में गेट के सामने खड़े वाहन व्यवधान पैदा करते हैं। इस ओर किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जाता।
परिजनों को स्वयं जुटानी होती है सुविधाएं
जिला अस्पताल में समय समय पर विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से चादर, कम्बल सहित अन्य आवश्यक सामग्री दान स्वरूप भी दी जाती है। बावजूद इसके मरीजों को आवश्यक सामग्री घरों से लाना पड़ती है। मंगलवार को अस्पताल का जानने पहुंची पत्रिका टीम ने डिलेवरी और सामान्य वार्ड के हाल जाने तो चौकाने वाली स्थिति सामने आई। डिलेवरी वार्ड तो गलियारे में लगा था। सकरी गली में दोनों ओर बेड लगा रखे थे। इतना सकरा रास्ता था कि दो लोग तो एक साथ निकल तक नहीं सकते थे। हालात इतने बदतर थे कि प्रसुताओं के साथ अन्य लोग भी बिस्तर पर बैठे थे। बिस्तरों पर चादर तक नहीं बिछी थी। जिनपर बिछी भी थी तो मरीज के परिजन घर से लेकर आए थे। ऐसे ही कुछ हाल सामान्य वार्ड के थे। यहां मरीजों के लिए पंखे तक नहीं थे। मरीज को परेशानी न हो इसके लिए परिजन घर से पंखा लेकर अस्पताल पहुंचे थे। तब कहीं जाकर मरीज को गर्मी से राहत मिल रही थी। प्रश्न यह उठता है कि जब अस्पताल प्रबंधन सामग्री खरीदता है और सामाजिक संगठन भी समय समय पर दान स्वरूप देते हैं तो यह सब सामग्री जाती कहां है। क्यों मरीजों को इस तरह असुविधाओं के बीच रहना पड़ता है।
दी जाती है सुविधाएं
अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यदि कहीं कोई कमी है तो उसे भी जल्द दूर करेंगे।
- डा. पंकज शर्मा, सीएमएचओ
Published on:
11 Jul 2018 02:05 pm
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