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दौड़ेते हुए पहुंचे SDM और अधिकारी, युवक को पहुंचाया अस्पताल, नीमच कलेक्ट्रेट में मची अफरा-तफरी

Jan Sunwai Suicide Attempt: न्याय की मांग को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे फरियादी ने पीया कीटनाशक, कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप, युवक को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया, उपचार जारी।
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jan sunwai suicide attempt shankar singh pesticide collectorate, युवक को अस्पताल भेजते अधिकारी (Source- Patrika)

Neemuch Jan Sunwai Suicide Attempt: मध्यप्रदेश के नीमच में मंगलवार को कलेक्ट्रेट में चल रही जनसुनवाई के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवक ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। युवक के कीटनाशक पीने की जानकारी मिलते ही एसडीएम और अन्य अधिकारी भागते-भागते युवक के पास पहुंचे और उसे तुरंत निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में युवक को भर्ती कराया गया है और उसका इलाज चल रहा है, बताया गया है कि युवक की हालत अब खतरे से बाहर है।

कलेक्ट्रेट में आत्महत्या की कोशिश

नीमच कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई चल रही थी, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। इसी दौरान चौनपुरा बामनबाड़ी गांव का रहने वाला शंकर सिंह भी अपनी वर्षों पुरानी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचा था। इसी दौरान शंकर सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। कीटनाशक पीने के कुछ ही देर बाद शंकर सिंह की तबीयत बिगड़ने लगी और जब इस बात की खबर एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को लगी तो वो भागते हुए युवक के पास पहुंचे। बिना देर किए अधिकारियों ने शंकर सिंह को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

देखें वीडियो-

न्याय न मिलने से हताश है युवक

अस्पताल में भर्ती शंकर सिंह का आरोप है कि वर्ष 2015 में बिजली के करंट की चपेट में आने से उनकी एक गाय और एक भैंस की मौत हो गई थी। इस मामले में उन्होंने संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर कई बार कलेक्टर कार्यालय सहित विभिन्न अधिकारियों को आवेदन दिए। लेकिन आज तक उनकी शिकायत का समाधान नहीं हो सका। घटना से पहले शंकर सिंह ने एक हस्तलिखित पत्र भी छोड़ा, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा कि पशुओं की मौत के बाद उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई। लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने और आवेदन देने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला, जिससे वे मानसिक रूप से बेहद परेशान और निराश हो गए। इसी हताशा में उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाने की बात पत्र में लिखी है। डॉक्टरों के मुताबिक शंकर सिंह की हालत अब खतरे से बाहर है और उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है।