
मादक पदार्थ हेरोइन तस्कर में दो आरोपी को दस वर्ष की कैद, एक लाख जुर्माना
नीमच । विशेष न्यायाधीश जसवंतसिंह यादव की कोर्ट ने मादक पदार्थ हेरोइन तस्करी के दो आरोपियों को शनिवार को दस वर्ष सश्रम करावास व एक लाख रुपए का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी आरआर चौधरी ने बताया कि नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्युरो क्षेत्रीय इकाई इंन्दोर पर पदस्थ आसूचना अधिकारी विमल ढाका को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति प्रकाश बिन्द व गौतम साव दोनों निवासी रेवतीपुर गाजीपुर (उ.प्र.) के दयाशंकर पिता बच्चू से लगभग एक किलो हेरोइन लेकर दिनांक 19 अगस्त 2015 को रात्रि 8 बजे से 10 बजे के बीच ग्राम हाड़ी पिपलिया तहसील मनासा निवासी मदनसिंह पिता अमरसिंह को हाड़ी पिपलिया में सुपुर्द करेंगे। उक्त दोनों व्यक्ति ट्रेन अथवा बस के माध्यम से गांधीसागर के रास्ते नीमच की ओर आयेंगे। उक्त सूचना को लेखबद्ध कर वरिष्ठ अधिकारी अधीक्षक एस.के.सिंह को प्रस्तुत की। जिसपर से एस.के.सिंह द्वारा निवारक कार्यवाही करने हेतु निवारक दल का गठन किया गया। जिसमें विमल ढाका को जप्ती अधिकारी के रूप में नियुक्त कर दल में आशीष चक्रवर्ती, प्रवीण कुन्देरिया दोनों आसूचना अधिकारी एवं सिपाही अरूणेन्द्र मिश्रा, रविन्द यादव, मनीष, ध्रुवकान्त एवं हुकुमचंद को शामिल किया सूचना की तस्दीक हेतु निवारक दल शासकीय वाहनों से रात्रि लगभग 08:00 बजे रामपुरा पहुंचे।
बस स्टेंड पर चौकसी की
टीम ने श्यामलाल व चन्द्रशेखर को मामले में कार्रवाई के लिए पंच बनाया। निवारक दल बस स्टेण्ड पर निगरानी हेतु तैनात हो गया,। इसी दौरान लगभग 08:45 बजे एक बस, बस स्टेण्ड पर आई। पंचानों की उपस्थिति में बस कंडक्टर से सहमति लेकर यात्रियों की तलाशी ली गई। जिस पर से ड्रायवर में बस के पीछे से तीसरी सीट जो थ्री सीटर थी। खिड़की की साईड एक व्यक्ति बैठा था। जिसके पास काले रंग का केनवास बैग था, पूछने पर उस व्यक्ति ने अपना नाम गौतम साव एवं साथ बैठे व्यक्ति को अपना साथी बताकर उसका नाम अंतिम चावड़ा बताया, पश्चात बस के कडंक्टर एवं यात्रियों के अनुरोध पर बस से दोनों व्यक्तियों को उतार कर बस को रवाना किया। दोनों को धारा 50 का सूचना पत्र देकर वैधानिक प्रावधानों से अवगत कराकर विधिवत तलाशी ली गई। जिसपर से गौतम के पास के काले बैग की तलाशी लेने पर बैग में कुछ कपड़े निकले तथा बैग के पेंदे को काटकर देखने पर उसमें एक गुलाबी-सफेद रंग की थैली निकली। जिसमें भूरे मटमेले रंग का पदार्थ होने पर गौतम ने हेरोइन होना बताया। निवारक दल ने टेस्टिंग किट से टेस्ट करने पर भी हेरोइन होना पाया, जिसका वजन करने पर 850 ग्राम होना पाया गया। जिसमें से दो सेम्पल पृथक निकालकर विधिवत रूप से सेम्पलो व मूल पैकेटो को सीलबंद कर दोनों आरोपी से जप्त कर उनसे पूछताछ हेतु धारा 67 का सूचना पत्र देकर उनके कथन लिये गये । जिन्होंने अपराध करना स्वीकार किया पश्चात दोनों को गिरफ्तार कर शेष अनुसंधान प्रवीण कुन्देरिया द्वारा कर परिवाद प्रस्तुत किया गया।
कार्रवाई में 85 दस्तावेज प्रमाणित
नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजेन्द्र पोरवाल द्वारा आठ साक्षियों के कथन करवाकर 85 दस्तावेजो को प्रमाणित करवाया। उसके पश्चात न्यायालय द्वारा आरोपी के कथन लिये गये। आरोपी की ओर से बचाव में साक्षी के थाम्बी दुराई के कथन करवाये गये। न्यायालय द्वारा बचाव पक्ष एवं विशेष लोक अभियोजक राजेन्द्र पोरवाल की अंतिम बहस सुनकर आरोपीगण गौतम साव एवं अंतिम चावड़ा के विरूद्ध अपराध प्रमाणित पाते हुए। दोनों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1-1 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । वहीं अर्थदण्ड अदा न करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतने का प्रावधान है।
Published on:
03 Nov 2018 08:51 pm
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