
शोरूम पर ई-वाहन लेने पहुंचे रहे ग्राहक।
बढ़ती मांग के बीच एक लाख रुपए में तीन ई-स्कूटर तक जिले में उपलब्ध, पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों से ई-वाहन की बिक्री में उछाल, शोरूम पर पहुंच रहे ग्राहक सीधे ई-वाहनों की ही ले रहे जानकारी
शोरूम पर ई-वाहन लेने पहुंचे रहे ग्राहक।
नीमच. पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। ईरान-अमेरिका के बीच बने प्रतिकूल हालात का असर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। दो पहिया वाहन की बिक्री की स्थिति यह बन गई है कि ग्राहक शोरूम पर पहुंचते ही सीधे ई-वाहन की डिमांड कर रहा है। इससे हालात यह बन गए हैं कि डिमांग अनुसार शोरूमों पर ई-वाहनों का टोटा पड़ गया है। बुकिंग कराने के 10 दिन बाद डिलीवरी की तारीख दी जा रही है।
लोकल स्तर पर होने लगा है ई-वाहनों का निर्माण
ई-वाहन की मांग बढऩे पर जिले में ई-वाहन असेंबल भी किए जाने लगे हैं। इस व्यवसाय से जुड़े लोगों ने बताया कि ग्राम चल्दू में लोकल स्तर पर ई-वाहन असेंबल किए जा रहे है। स्थानीय स्तर पर ई-वाहन तैयार होने से जिले के गांव-गांव में पंजीयन केंद्र (बुकिंग काउंटर) खुल गए हैं। लोकल स्तर पर तैयार (असेंबल) ई-वाहनों के लिए आरटीओ में किसी प्रकार के पंजीयन की आवश्यकता भी नहीं है। इस कारण भी एक बार एकमुश्त राशि देकर लोग पेटोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों से भी छुटकारा पाना चाह रहे हैं। मजे की बात यह भी है कि जहां ब्रांडेड बाइक शोरूम पर एक ई-वाहन एक लाख से अधिक कीमत पर बिक रहा है। वहीं स्थानीय स्तर पर तैयार ई-वाहन एक लाख रुपए में सहज रूप से तीन मिल रहे हैं।
रोजाना 25 से 30 ई-वाहनों की बुकिंग
पिछले 11 दिनों में डीजल-पेट्रोल के दाम में औसत 7 से 8 रुपए तक की वृद्धि हुई है। बढ़ते दामों के बीच ग्राहक अब पेट्रोल बचाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का रुख कर रहे हैं। ई-वाहन विक्रेता बताते हैं कि मौजूदा समय में पेट्रोल वाहनों की तुलना में 70 से 80 फीसदी तक ई-वाहनों की मांग बढ़ी है। शोरूम में चढऩे वाला लगभग हर ग्राहक ई-वाहन की मांग कर रहा है। जिला मुख्यालय के सभी बड़े शोरूमों को मिलाकर प्रतिदिन औसत 25 से 30 ई-वाहन बिक रहे हैं। स्थानीय स्तर पर तैयार वाहन की संख्या इसमें शामिल नहीं है।
मंदी का दिख रहा सर्राफा पर असर
ईरान-अमेरिका विवाद से सर्राफा व्यापार भी अछूता नहीं रहा। बाजार में ज्वेलरी खरीदी की रौनक नजर नहीं आ रही है। दुकानों पर सन्नाटा परसा हुआ है। सर्राफा व्यापारी इसे भाव की अस्थिरता और आयात शुल्क में बढ़ोतरी का असर बता रहे हैं। सर्राफा बाजार में दिनभर में चुनिंदा ग्राहक भी पहुंच रहे हैं। वे भी बड़ी खरीद नहीं कर रहे हैं। अधिकांश दुकानदार प्रतिदिन दुकान खोल रहे हैं, लेकिन ग्राहकी दिखाई नहीं दे रही। प्रधानमंत्री के आह्वान का असर सर्राफा बाजार पर पड़ा हो या नहीं पड़ा हो। एक बात व्यापारी स्वीकार कर रहे हैं कि सोना-चांदी के दामों में जिस प्रकार की गिरावट की आशंका व्यक्त की जा रही थी। वैसे दिखाई नहीं दे रही है।
Updated on:
26 May 2026 09:36 pm
Published on:
26 May 2026 09:04 pm
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