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यहां ऐसे गिद्ध मिले जो दुनिया में विलुप्त होने की कगार पर

अत्यंत दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजाति ‘रेड हेडेड वल्चर’ जिले में मौजूदगी, वन क्षेत्र के सर्वे में जिले में मिले कुल 285 गिद्ध, जिले में 92 बीट पर वन विभाग की टीम ने किया सर्वे

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नीमच

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Mukesh Sharaiya

May 26, 2026

Neemuch Breaking News

अत्यंत दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजाति ‘रेड हेडेड वल्चर’ जिले में मौजूदगी

अत्यंत दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजाति ‘रेड हेडेड वल्चर’ जिले में मौजूदगी, वन क्षेत्र के सर्वे में जिले में मिले कुल 285 गिद्ध, जिले में 92 बीट पर वन विभाग की टीम ने किया सर्वे

नीमच. नीमच जिले के वन मंडल की 92 बीटों में तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना 2026 की गई। भीषण गर्मी के बावजूद वन विभाग के मैदानी अमले, वन चौकीदारों एवं युवा वॉलंटियर्स ने जिले के विभिन्न जलस्रोतों तथा पथरीले वन क्षेत्रों में सघन मॉनिटरिंग कर गिद्धों की गणना की। जिले में अत्यंत दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति का गिद्ध मिलने से वन विभाग की टीम उत्साहित है।

दुर्लभ राज गिद्ध भी मिला
जिले में की गई गणना में इस वर्ष कुल 285 गिद्धों की संख्या दर्ज किए गए। इनमें नीमच रेंज में सर्वाधिक 114 गिद्ध मिले, जिनमें 110 इजिप्टियन एवं 4 भारतीय देसी गिद्ध हैं। इसी प्रकार रतनगढ़ रेंज में 88 गिद्ध, मनासा रेंज में 49 गिद्ध और रामपुरा रेंज में 34 गिद्ध मिले। गणना के दौरान रामपुरा रेंज की भदाना उत्तर बीट में अत्यंत दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजाति ‘रेड हेडेड वल्चर’ जिसे राज गिद्ध या किंग वल्चर कहा जाता है देखा गया। वन विभाग के उपवन मंडल अधिकारी दशरथ अखंड ने बताया कि वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार विश्व स्तर पर विलुप्ति की कगार पर पहुंची इस प्रजाति की नीमच के वन क्षेत्र में उपस्थिति जिले के समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र का प्रमाण है। गणना के दौरान चीताखेड़ा चर्मशोधन केंद्र, रामपुरा का पड़पदिया नाला, भदाना उत्तर बीट तथा रतनगढ़-सिंगोली का कोज्या पूर्व क्षेत्र प्रमुख केंद्र रहे। इन क्षेत्रों में सबसे अधिक संख्या में गिद्धों की उपस्थिति बनी रहती है। वन विभाग ने बताया कि गणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य में जिले में गिद्ध संरक्षण एवं संवर्धन की रणनीति तैयार करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

अधिकारियों एवं युवाओं का योगदान
जिला वन अधिकारी एसके अटोदे के निर्देशन एवं उप वन मंडल अधिकारी अखंड के मार्गदर्शन में यह गणना अभियान आयोजित किया गया। एसडीओ स्वयं भीषण गर्मी में मैदानी स्तर पर युवाओं के साथ डटे रहे। वन परिक्षेत्र अधिकारी विपुल प्रभात रतनगढ़, भानुप्रताप सिंह सोलंकी रामपुरा एवं शाश्वत द्विवेदी मनासा ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। गणना में बर्डिंग एक्सपर्ट अक्षय यति ने फोटोग्राफिक साक्ष्य संकलित किए। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर विवेक शर्मा ने स्वयं के प्लेटफॉर्म के माध्यम से अभियान का प्रचार किया। युवा वॉलंटियर प्रिंस चंद्रप्रकाश शर्मा, डॉ. लाखन यादव, हर्शिल चौहान, आदित्य चौहान, अनमोल यादव, भाग्यश्री पंवार, इंदरजीत सिंह, मधुबाला धाकड़, भूपेंद्र, धीरज धनगर, यशवंत रेगर, विकास मेघवाल आदि ने सहयोग किया। विभाग ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं वॉलंटियर्स का आभार व्यक्त किया है।