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शहर में एक भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं, बांट दी 50 हजार एंटीबायोटिक

शहर में एक भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं, बांट दी ५० हजार एंटीबायोटिक  

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शहर में एक भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं, बांट दी 50 हजार एंटीबायोटिक

नीमच। मलेरिया और डेंगू की आशंका के चलते जिला अस्पताल में इन दिनों करीब २ हजार मरीजों की मलेरिया जांच हुई है। इनमें एक भी पॉजिटिव नहीं आया है। वहीं जिला अस्पताल चिकित्सकों ने मलेरिया आशंका पर ही अभी तक करीब 50 हजार एंटी बायोटिक इंजेक्शन व दवा बांट दी है। लगातार एंटी बायोटिक की बढ़ रही खपत के चलते प्रदेश के जिला अस्पताल को डब्ल्यूएचओ ने एंटीबायाटिक इंजेक्शन और दवा का कम इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। जिला अस्पताल में एंटी बायोटिक रोकने के लिए टीम भी गठित की है।

सिविल सर्जन बीएल बोरीवाल ने बताया कि गत माह में ही 2 हजार मेलेरिया संभावित की जांच की गई और अभी तक 50 हजार एंटीबायोटिक इंजेक्शन और दवा वितरित कर दी है। जिला अस्पताल में करीब डेढ़ हजार इंजेक्शन और डेढ़ हजार गोलियों का उपयोग हर माह हो रहा है। यह खपत गत वर्ष की तुलना में दोगुनी है। सिविल सर्जन बोरीवाल का कहना है कि डेंगू इन दिनों फीमेल एडीज के काटने पर फैल रहा है। जो कि डेंगू को फैला रहें है। अभी हालत यह है कि सर्द नहीं लगने पर व्यक्ति डेंगू का मरीज हो जाता है। जुकाम, खासी और बुखार आने पर भी रोगी आगे चलकर डेंगू की गिरफ्त में आ सकता है। जिसके चलते इन लक्षणों वाले मरीजों को भी एंटीबायोटिक दी जा रही है। अभी तक दो हजार रोगी की मलेरिया जांच हुई है, लेकिन पॉजिटिव रिपोर्ट शहर में नहीं है। जबकि जिले में सात रोगी डेंगू के पीडि़त आ चुके हैं।

इसीलिए कम उपयोग करने के आदेश

डब्ल्यूएचओ के आदेश है कि बार-बार एंटीबायोटिक्स दवा के इस्तेमाल से शरीर में इनके प्रति रेजिस्टेंस बढऩे लगता है। जिसकी वजह से कुछ समय बाद मौसमी बीमारियों में ली जाने वाली एंटीबायोटिक दवाएं न के बराबर असर करती है। वहीं, साधारण बुखार व जुकाम में बिना डॉक्टर सलाह के एंटीबायोटिक दवा लेने की आदत सेहत के लिए कई परेशानी पैदा कर सकती है। बार-बार एंटीबायोटिक लेने से पेट में मौजूद खराब बैक्टीरिया के साथ अच्छे बैक्टीरिया भी मर जाते है। जिससे शरीर का बैक्टीरिया सिस्टम बिगड़ जात है। ऐसे में टाइप टू डायबिटिज का खतरा भी बढ़ जाता है। इनके अलावा भी एंटीबायोटिक दवा कर्ठ साइड इफेक्ट होते हैं।

अभी पूरी जानकारी नहीं है

हमने अभी तक एंटीबायोटिक को लेकर कोई ऑडिट नहीं किया है। हालांकि इसका अधिक उपयोग नहीं होना चाहिए। व्यक्ति की प्रतिरोधी क्षमता कम होती है। सभी चिकित्सक को गंभीरता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

- एसएस बघेल, सीएमएचओ नीमच।