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पैतृक गांव में हुआ पटवा का अंतिम संस्कार, आडवाणी- शिवराज हुए भावुक

देह को उनके पैतृक गांव कुकडे़श्वर के लिए विशेष रथ में रवाना कर दिया गया। रोड के दोनों तरफ भारी भीड़ है व लोग अपने लाड़ले नेता को अंतिम विदाई देने के लिए हाथ में फूल व माला लेकर खड़े हुए है।

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vikram ahirwar

Dec 29, 2016

Neemuch News

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नीमच/भोपाल। बूढ़े जिन्होंने सुन्दरलाल पटवा को करीब से देखा है, बड़े जिन्होंने उनका राजनीतिक दौर देखा है, महिलाएं जिन्होंने उनका कद देखा है और बच्चे जो अब आगे उनके बस किस्से ही सुनेंगे, यहाँ सब एम्बुलेंस में गुजरते सुंदरलाल पटवा के पार्थिव शरीर को एक दफा देख भर लेना चाहते हैं।

अलग सी उत्सुकता यहाँ लोगों के चेहरे पर नजर आ रही है। लोग देखना चाहते हैं कि आखिर उनका नेता आखिरी वक़्त में कैसा दिखता है। कैसा होता है एक राजनेता का अंतिम सफ़र! अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए कई वीवीआईपी भी मौजूद थे।

भारी भीड़ के बीच अंतिम विदाई, बीजेपी नेता हुए शामिल
- नीमच पहुंचे लालकृष्ण आडवाणी ने शोक सभा में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पटवा सिद्धांतवादी और सख्त प्रशासक रहे। आडवाणी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य पर भी इस दौरान चिंता जाहिर की।
- सीएम शिवराज सिंह चौहान भी पूर्व मुख्यमंत्री की शव यात्रा में शामिल रहे। शव यात्रा के दौरान उन्होंने अर्थी को कन्धा भी दिया और इस पूरे सफ़र में वे बेहद भावुक नजर आ रहे थे।
- शव यात्रा में सुंदरलाल पटवा के भतीजे सुरेन्द्र पटवा भी मौजूद थे। बता दें कि सुरेन्द्र पटवा उनके दत्तक पुत्र भी हैं।
- पटवा के अंतिम दर्शनों के लिए उनके पैतृक गाँव कुकडेश्वर में उमा भारती भी पहुंची थी।
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और बृजमोहन अग्रवाल भी पटवा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए विशेष विमान से उनके पैतृक गाँव पहुंचे थे।
- इस दौरान नीमच में रमन सिंह का विमान टेकऑफ के दौरान लैंडिंग कर रहे लाल कृष्ण आडवाणी के विमान के सामने भी आ गया था।
- केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर, थावरचंद गहलोत, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नन्द कुमार चौहान समेत कई बीजेपी नेता भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए कुकडेश्वर पहुंचे थे।
- पटवा की शव यात्रा में सैकड़ों की तादाद में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। शव यात्रा जहाँ से भी गुजरी लोगों ने फूल बरसाकर अपने नेता को अंतिम विदाई दी।



पटवा परिवार ने मिलकर दी मुखाग्नि
कुकड़ेश्वर के पटवा कृषि फार्म पर पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा को मुखाग्नि दे दी गई। पूरे पटवा परिवार ने मिलकर अपने पित्र पुरुष को मुखाग्नि दी। उन्हें मुखाग्नि देते समय पूरे परिवार समेत वहां मौजूद दिग्गज भाजपा नेता और कुकड़ेश्वर की जनता की आंखें नम हो गई थीं।



गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
अंतिम संस्कार से पहले उन्हें गार्ड आफ आनर दिया गया। इस दौरान बंदूकों की आवाज से पूरा क्षेत्र गूंज गया।

(सुंदरलाल पटवा के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी।)

आडवाणी बोले-पार्टी नेताओं को देख कष्ट होता है
लालकृष्ण आडवाणी ने शोक सभा में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पटवा सिद्धांतवादी और सख्त प्रशासक रहे। आडवाणी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य पर भी चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि आज पार्टी जिस अवस्था में है, जिन लोगों के कारण पार्टी खड़ी हुई है उनकी वर्तमान स्थिति देखकर कष्ट होता है। शोक सभा में अनेक नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने पटवा को सख्त प्रशासक, सिंद्धांतवादी और महान नेता बताया। शोकसभा में बड़े नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में कुकड़ेश्वर की जनता, दूर-दराज से पहुंचे उनके समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
(सुंदरलाल पटवा के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी एवं अन्य।)




बड़े नेताओं ने किया अंतिम दर्शन
कुकड़ेश्वर के पटवा कृषि फॉर्म पर अंतिम संस्कार में शामिल होने आए नेताओं ने स्व.सुंदरलाल पटवा को पुष्प अर्पित किए। इनमें भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती, रामलाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी, नरेंद्र सिंह तोमर,थावरचन्द गहलोत, नंदकुमार सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष ब्रजमोहन अग्रवाल, भाजपा के राष्ट्रीय नेता सुरेश सोनी आदि भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।



फूल-मालाएं लेकर पहुंचे बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग

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पटवा के पार्थिव देह को सबसे पहले यहाँ पहुँचते ही पटवा अकेडमी में दर्शनार्थ रखा गया था। इसके बाद यहाँ से तकरीबन 10.30 बजे उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव कुकडे़श्वर के लिए विशेष रथ में रवाना कर दिया गया। रोड के दोनों ओर इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटे रहे। कार्यकर्ता अपने लाड़ले नेता को अंतिम विदाई देने के लिए हाथ में फूल व मालाएं लेकर पहुंचे हुए है। उनके पैतृक गाँव में भी लोग अपने नेता के अंतिम दर्शनों के लिए मौजूद थे।


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भोपाल में बुधवार को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे पीएम
-पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के पार्थिव शरीर को बंसल अस्पताल से सीधे श्रद्धांजलि देने के लिए बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में लाया गया।
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शाम 4 बजे वरिष्ठ बीजेपी नेता को श्रद्धांजलि देने भोपाल पहुंचे। स्टेट हैंगर पर पीएम की अगुवाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और प्रदेश केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर ने की। यहाँ से वे सीधे बीजेपी कार्यालय के लिए रवाना हुए।
- मुख्यमंत्री ने इससे पहले आज ही सुंदरलाल पटवा के स्मरण में पीएम आवास योजना के तहत साधे तीन लाख घर जरुरतमंदों को देने का ऐलान किया है।
- एक्स सीएम पटवा को श्रद्धांजलि देने के लिए शाहनवाज़ हुसैन, केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नन्द कुमार चौहान, भोपाल सांसद आलोक संजर समेत प्रदेश के कई विधायक, मंत्री और दर्जाधारी नेता पहुंचे।
- पटवा के पार्थिव शरीर को बुधवार शाम मंदसौर ले जाया जाएगा। यहाँ उनके पैतृक गाँव कुकडेश्वर में गुरूवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।





ऐसा रहा राजनीतिक जीवन
पूर्व मुख्यमंत्री पटवा ने बुधवार तड़के अंतिम सांस ली थी। नीमच जिले के कुकड़ेश्वर के रहने वाले सुंदरलाल पटवा का लंबा राजनीतिक जीवन रहा। पहला चुनाव वे बालकवि बैरागी से हारे, लेकिन इसके बाद उन्होंने कभी पलटकर नहीं देखा।


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एयर एम्बुलेंस से आई देह
सुबह एयर एम्बुलेंस से पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा की देह नीमच पहुंचाई गई। इससे पहले मंदसौर-नीमच के सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक दिलीपसिंह परिहार, मनासा विधायक कैलाश चांवला, जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा, भाजपा जिलाध्यक्ष हेमंत हरित, नीमच नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जैन, नीमच जनपद पंचायत अध्यक्ष जगदीश गुर्जर आदि हेलीपेड पर उपस्थित थे। हवाई पट्टी पर पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के अनुज संपतलाल पटवा के पुत्र बसंत पटवा, भूषण पटवा परिवार के सदस्यों सहित पहले से मौजुद थे। पार्थिक देह को हेलीपेड से करीब 300 मीटर दूर पटवा अकेडमी ले जाया गया।


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अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़
पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। पटवा अकेडमी ले जाने से पहले रास्ते के दोनों तरफ लोग हार-फूल लेकर खड़े रहे। जहां-जहां से पटवा की देह विशेष रथ से गुजरी वहां-वहां लोगों ने अंतिम विदाई के लिए श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व मुख्यमंत्री पटवा की देह मनासा के लिए रवाना हो गई। यहां से देह को कुकडे़श्वर ले जाया जा रहा है। जहां दोपहर करीब एक बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा।


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अनेक वीवीआईपी का इंतजार
पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा की अंतिम विदाई के लिए वीवीआईपी व वीआईपी पहुंचेंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमनसिंह के अलावा प्रदेश के अनुक मंत्री, विभिन्न आयोग के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के अलावा केंद्रीय मंत्री व पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के आने की भी सूचना है।


25 वर्ष बाद फिर नीमच बंद
पटवा सरकार की पहली वर्षगांठ 5 मार्च 1991 को नेता प्रतिपक्ष अर्जुनसिंह की अपील पर कुकडे़श्वर से कांगे्रस ने आंदोलन की शुरुआत की तो लोगों ने स्वेच्छा से बाजार बंद रखे थे। करीब 25 वर्ष बाद वही नजारा है। अब पटवा नहीं रहे, लेकिन लोगों ने सुबह से बाजार बंद रखा है। जहां-जहां से पटवा की अंतिम विदाई की यात्रा निकल रही है, वहां पहले से बाजार बंद है। नीमच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमनसिंह पहुंच गए है।

चाय-पानी को तरस गए थे
ये वो वक्त था जब राज्य में राम मंदिर आंदोलन अपने चरम पर था। उस समय कांगे्रस के प्रति लोगों में नाराजी थी। तब जाने क्या हुआ, लेकिन 5 मार्च 1991 को कुकडे़श्वर से लेकर नीमच जिले में जो रास्ता आंदोलन स्थल की ओर आ रहा था, वहां दुकाने सुबह से बंद रही। हालात को इस से समझ सकते हैं कि लोग चाय-पोहा को तरस गए थे। ये वो वक्त नहीं था जब पानी बोतलों में मिलता हो, जब स्थिति ये रही की आंदोलन में आए कांगे्रस कार्यकर्ताओं ने लोगों के दरवाजे बजाकर पीने के लिए पानी मांगा था।

फिर हुए बाजार बंद
तब पूर्व मुख्यमंत्री पटवा ने किसी को नहीं कहा था कि कांगे्रस के आंदोलन के खिलाफ बाजार बंद रखे, ये लोगों ने स्वेच्छा से किया था। करीब 25 वर्ष बाद फिर गुरुवार को बाजार बंद है। नीमच हो या मनासा, या फिर जिले का कोई सा भी गांव या शहर। वक्त फिर से 25 वर्ष पीछे लौट आया है, लेकिन अंतर सिर्फ इतना हैं कि तब पटवा सरकार के खिलाफ अंादोलन को लोगों ने नकार दिया था, और गुरुवार को पटवा की अंतिम विदाई के चलते बाजार बंद है।

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