
गांव से शहर आकर एक बाइक शोरूम पर कार्य करने वाले पिता की खुशी उस वक्त देखते ही बन रही थी जब उनके हाथ में खुद की बाइक की चॉबी थी। सामने खड़ी बेटी मुस्कुराकर पिता की खुशी को दोगुना कर रही थी। यह दृश्य शहर के एक निजी शोरूम पर गुरुवार को बेटी है तो कल है के संदेश को सार्थक करता नजर आया।
महेंद्र उपाध्याय. नीमच
गांव से शहर आकर एक बाइक शोरूम पर कार्य करने वाले पिता की खुशी उस वक्त देखते ही बन रही थी जब उनके हाथ में खुद की बाइक की चॉबी थी। सामने खड़ी बेटी मुस्कुराकर पिता की खुशी को दोगुना कर रही थी। यह दृश्य शहर के एक निजी शोरूम पर गुरुवार को बेटी है तो कल है के संदेश को सार्थक करता नजर आया। कलर्स चैनल के टीवी शो द बिग पिक्चर में राशि जीतने वाली मोनिका शर्मा ने पिता को उपहार में बाइक खरीदकर दी ताकि वे गांव से शहर आना-जाना कर सके। पिता की जिंदगी में इस खुशी का रंग भरने वाली मोनिका ने हाल ही में मुंबई पहुंचकर शो में हिस्सा लिया था और कौशल के दम पर लाखों रुपए की राशि जीती।
कठिन सवालों के भी आसानी से दिए जवाब
मोनिका शो द बिग पिक्चर में एक करोड़ रुपए के सवाल तक पहुंची थी। उन्होंने शो के होस्ट रणवीर सिंह के कठिन सवालों का जवाब अपने ही अंदाज में दिया था और इस मुकाम पर पहुंची। जिले के पिपलोन निवासी मोनिका शर्मा एमसीए कर रही है। मेहनत और लगन के दम पर वे मुंबई पहुंची और शो में बखूबी प्रदर्शन करते हुए लाखों रुपए जीते। फोओ देखकर प्रश्नों के जवाब देने वाले इस शो में मोनिका शर्मा ने कई चरण पार करते हुए सफलता पाई।
शो में पूछा तो जवाब में कहा पिता की परेशानी हल करूंगी
शो में जब होस्ट रणीवर सिंह ने मोनिका से पूछा कि वे इन रुपयों का क्या करेंगी तो उनका एक ही जवाब था कि वे सबसे पहले पिता दिनेश शर्मा को बाइक दिलाएंगी, क्योंकि वे नीमच स्थित एक शोरूम पर काम करते हैं। ऐसे में उन्हें गांव से आने-जाने में तकलीफें होती हैं। इसलिए वे इन रुपयों में से सबसे पहले पिता की इस समस्या को दूर करेंगी। गुरुवार सुबह मोनिका शोरूम पहुंची और पिता को बाइक दिलाई। इस दौरान कलर्स चैनल की टीम के रोबिन सिंह और राजकुमार कनोजिया भी साथ थे। मोनिका ने शोरूम पर ही विधि-विधान से पूजा अर्चना कर पिता के साथ बाइक की सवारी भी की।
कड़कड़ाती ठंड में ठिठुरते लोगों को ओढ़ाए कंबल
कड़कड़ाती ठंड आमजन पर कहर बरपा रही है। रात 10 बजे बाद शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। ऐसे में जमा देने वाली ठंड में शहर के कई क्षेत्रों में गरीब बेसहारा लोग गली-मोहल्ले, सड़क किनारे, दुकानों के बाहर, पेड़ों के नीचे या सुनसान जगह डेरा डाले ठंड में ठिठुरते दिखाई देते हैं। ऐसे जरूरतमंदों की तलाश कर चाइल्ड रिलीफ मिशन फाउंडेशन के सदस्यों ने उन्हें कंबल ओढ़ाए।
पीडि़त मानवता की सेवा करना हम सभी का दायित्व बनता है। इसी उद्देश्य को लेकर शहर की सामाजिक संस्था चाइल्ड रिलीफ मिशन फाउंडेशन के सदस्यों ने रात में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ठिठुरते लोगों की जानकारी एकत्रित की। सदस्यों ने पाया कि कई जगह बेसहारा गरीब परिवार बच्चों के साथ ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं।
Published on:
23 Dec 2021 11:41 pm
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