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ऐसा क्या हुआ था कि 9 अप्रेल को देशभर में मनाया जाता है शौय दिवस

'रण ऑफ कच्छ' की पवित्र मिट्टी को सलामी दे किया शहीदों को नमनकेंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने मनाया शौर्य दिवस

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नीमच

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Mukesh Sharaiya

Apr 09, 2022

ऐसा क्या हुआ था कि 9 अप्रेल को देशभर में मनाया जाता है शौय दिवस

रण ऑफ कच्छ' से लाई गई पावन मिट्टी के कलश को सलामी देते डीआईजी आरएस रावत।

नीमच. केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ने शनिवार को परिसर में स्टेशन स्तर पर शौर्य दिवस मनाया। इसका शुभारंभ सुबह मेहता गेट से शौर्य दौड़ से हुआ। दौड़ में स्टेशन के सभी संस्थानों के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने भाग लिया।

'रण ऑफ कच्छ' से लाई गई पावन मिट्टी को दी सलामी
स्टेशन क्वार्टर गार्ड पर स्टेशन के वरिष्ठतम अधिकारी रेंज नीमच के डीआईजी महेन्द्र कुमार तथा ग्रुप केन्द्र के डीआईजी आरएस रावत के साथ-साथ स्टेशन के अन्य सभी संस्थानों से वरिष्ठ अधिकारियों ने 'रण ऑफ कच्छ' से लाई गई पावन मिट्टी के कलश पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके उपरांत सीआरपीएफ के स्तंभ रहे नीमच जिले में निवासरत वीरता पदक विजेता को आमंत्रित किया गया। इन वीरों को राष्ट्रपति द्वारा उनके अदम्य साहस के लिए वीरता पदक से नवाजा जा चुका है। आमंत्रित भूतपूर्व निरीक्षक, जीडी विष्णु जयसवाल को आरएस रावत ने सम्मान स्वरूप शॉल एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।

सभी पुलिस बल मनाते हैं शौर्य दिवस
आज के दिन अर्थात 9 अप्रैल 1965 को पाकिस्तानी आर्मी ने ऑपरेशन डेजर्ट हॉक चलाकर भारतीय सीमा में कच्छ का रण (गुजरात) पर आक्रमण किया। केरिपु बल की द्वितीय बटालियन की महज 2 कम्पनियां सरदार एवं टॉक पोस्ट पर तैनात थीं। 9 अप्रैल 1965 को अलसुबह लगभग 3.30 बजे पाकिस्तानी सेना की पूरी ब्रिगेड ने अपनी पूर्ण शक्ति सहित हमला कर दिया। इस हमले में द्वितीय बटालियन के जवानों ने बहादुरी एवं अदम्य साहस का परिचय दिया तथा 12 घंटे तक पाकिस्तानी इंफेंट्री बिग्रेड से कड़ा मुकाबला कर। पाकिस्तानी सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना अपनी संख्या एवं युद्ध साजो-सामान में बेहतर होने के बावजूद, हमारे जवानों की वीरता एवं साहस के सामने दोबारा हमला करने की हिम्मत नहीं कर पाई। इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना के 34 सैनिकों को मार गिराया। चार को जिंदा पकड़ लिया गया। इस घटना में केरिपु बल के आठ जवान शहीद हुए। लगभग 19 जवानों को पाकिस्तानी आर्मी ने बंदी बनाया। भारतीय पुलिस इतिहास में ही नहीं बल्कि सैन्य युद्ध इतिहास में इस दिन का विशेष महत्व स्वीकारा गया है। इसे सभी अद्र्धसैनिक बल एवं राज्य पुलिस द्वारा मनाया जाता है।

केवी के विद्यार्थियों ने दी देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति
इसी उपलक्ष्य में सीटीसी नीमच द्वारा गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कैम्पस में रहने वाले केन्द्रीय विद्यालय के छात्रों ने देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुति दी। विजेताओं व उपविजेताओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही आरटीसी नीमच के ग्राउंड में क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। इसमें विजेताओं व उपविजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इसी क्रम में संध्या में सरदार गेट पर ग्रुप केंद्र और आरटीसी के बैण्ड द्वारा प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर रेंज नीमच के डीआईजी महेन्द्र कुमार, ग्रुप केन्द्र के डीआईजी आरएसरावत, आरटीसी के डीआईजी ब्रिगेडीयर (रिटा0) अनमोल सूद, संयुक्त अस्पताल नीमच के डीआईजी डा. अमिय रंजन सरकार एवं सभी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारीगण, अधिनस्थ अधिकारीगण एवं जवान मौजूद थे।