25 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘मासूमों पर गिद्ध जैसी नजर’, दिल्ली में बच्ची से दरिंदगी करने वाले 72 साल के बुजुर्ग को 20 साल की जेल

Delhi Rape News: दिल्ली में आठ साल की बच्ची से रेप करने के आरोप में कोर्ट ने एक 72 साल के बुजुर्ग को 20 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ कड़ी करते हुए कोर्ट ने कहा है कि यह बेहद डरावना है कि हम ऐसे समाज में जी रहे हैं, जहां बच्चे तक सेफ नहीं हैं।

2 min read
Google source verification
72 year old man sentenced 20 years in jail for raping girl Delhi

Delhi Rape News: देश की राजधानी दिल्ली में एक अदालत ने एक 72 साल के बुजुर्ग को 20 साल की कठोर सजा सुनाई है। दरअसल, उस पर आरोप था कि वह 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म किया था। उसी मामले में तीस हजारी स्थित पॉक्सो अदालत ने फैसला सुनाया है। जेल के साथ आरोपी पर कोर्ट ने 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, फैसले में जज ने यह भी आदेश दिया है कि अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के मद्देनजर 13.50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा शिक्षा निदेशालय को निर्देशित किया गया है कि पीड़िता की 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई सुचारु रूप से पूरी कराई जाए और उसके बाद उसे बिना किसी रुकावट के व्यावसायिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए। इस केस की सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह बेहद डरावना है कि हम ऐसे समाज में जी रहे हैं, जहां बच्चे तक सेफ नहीं हैं। वीर भान जैसे लोग मासूम बच्चों पर गिद्ध की तरह नजर रखते हैं।

आपको बता दें कि यह मामला निहाल विहार थानाक्षेत्र क्षेत्र का है। पीड़ित बच्ची की स्थिति अत्यंत दयनीय है। उसकी मां का साया पहले ही सिर से उठ चुका है और पिता ने भी परिवार का साथ छोड़ दिया है, जिसके चलते वह अपनी मौसी के संरक्षण में रह रही है। 23 दिसंबर 2025 को मासूम बच्ची टॉफी लेने के लिए आरोपी की दुकान पर गई थी, जहां नियत खराब होने पर आरोपी उसे दुकान के भीतर ले गया और उसके साथ दरिंदगी की। इतना ही नहीं, घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बच्ची को जान से भी मारने की धमकी दी। उसने बच्ची को डराते-धमकाते हुए किसी से कुछ न बताने के लिए चेतावनी दी। इस घिनौने अपराध का पर्दाफाश तब हुआ, जब आरोपी की बहू ने दुकान में संदिग्ध हलचल देखी और वहां से बच्ची को बदहवास हालत में बाहर निकलते पाया। घटना के बाद बात फैलने लगी और पड़ोसियों के जरिए बच्ची की मौसी तक पहुंच गई, जिसके बाद इस मामले को लेकर पीड़िता की मौसी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

दोषी की उम्र 72 वर्ष है, कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं

इस मामले की शुरुआती कमान आईओ एसआई पूजा चंदेल ने संभाली थी, जिसके बाद 29 जनवरी 2026 को दूसरी जांच अधिकारी एसआई मनीषा ने महज एक महीने के भीतर अदालत में एक व्यापक चार्जशीट दाखिल कर दी। सजा के फैसले तक पहुंचने में अदालत ने पुलिस द्वारा जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज जैसे तकनीकी साक्ष्यों को बेहद निर्णायक माना। हालांकि, बचाव पक्ष ने दलील दी कि दोषी की उम्र 72 वर्ष है और उसका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए सजा में रियायत दी जानी चाहिए।

अदालत ने खारिज की थी याचिका

अदालत ने उन दलीलों को पल भर में खारिज कर दिया जो आरोपी की तरफ से दी गई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि अपराधी और मासूम पीड़िता के बीच 64 साल का विशाल फासला है और बच्ची उसे 'दादा' कहकर पुकारती थी। एक ऐसा शब्द जो अटूट विश्वास और पवित्रता का प्रतीक है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि दोषी ने न केवल कानून तोड़ा, बल्कि उस पवित्र भरोसे और रिश्ते का कत्ल किया है जो समाज की नींव है, इसलिए उसकी उम्र अपराध की गंभीरता को कम नहीं कर सकती।