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Badlapur Egg Donation Scam: गरीबी और मजबूरी इंसान से क्या कुछ नहीं करवा देती, इसकी एक रूह कंपा देने वाली मिसाल बदलापुर में देखने को मिली है। यहां एक बेबस महिला ने अपनी सेहत की परवाह किए बिना रिकॉर्ड 37 बार अपने अंडाणु Eggs बेच डाले और बाद में खुद इस घिनौने रैकेट की मुख्य एजेंट बन गई। पुलिस ने इस अवैध अंडाणु तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए महज 88 दिनों के भीतर उल्हासनगर की एक अदालत में ही 5,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें 5 डॉक्टरों समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
भारत के सख्त कानून 'असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी रेगुलेशन एक्ट' के मुताबिक, कोई भी महिला अपने पूरे जीवन में सिर्फ एक बार ही अंडाणु दान कर सकती है, क्योंकि बार-बार ऐसा करना जानलेवा हो सकता है। लेकिन इस मामले में गिरफ्तार मुख्य महिला आरोपी ने खुद 37 बार इस असहनीय दर्द को सहा। जब उसे इस धंधे में मोटी कमाई का चस्का लगा, तो वह खुद विलेन बन गई। उसने पैसों की तंगी से जूझ रही और अपने बच्चों का पेट पालने के लिए मजबूर अन्य गरीब महिलाओं को ढूंढना शुरू किया और उन्हें इस दलदल में धकेल दिया।
यह पूरा रैकेट गरीब और लाचार मांओं की बेबसी पर फल-फूल रहा था। इन डोनर महिलाओं को एक बार की प्रक्रिया के लिए महज 25,000 से 30,000 रुपए का लालच दिया जाता था। इसके बाद, डॉक्टरों और एजेंटों का यह सिंडिकेट उन अंडाणुओं को आगे बेऔलाद अमीर दंपत्तियों को लाखों रुपये में बेच देता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अब तक ऐसी 30 लाचार महिलाओं की पहचान हुई है, जिनसे करीब 250 बार अवैध रूप से अंडाणु निकाले जा चुके हैं।
जिन डॉक्टरों को समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है, उन्होंने चंद रुपयों की खातिर इन मासूम महिलाओं को मौत के मुंह में धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ज्यादा से ज्यादा अंडाणु बनाने के लिए इन महिलाओं को बिना किसी सीनियर डॉक्टर की देखरेख या उचित मेडिकल सुपरविजन के धड़ाधड़ भारी हार्मोनल इंजेक्शन दिए जा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 8 मुख्य आरोपियों को जेल भेज दिया है और परोक्ष रूप से जुड़े 7 अन्य लोगों को कानूनी नोटिस जारी किया है।
Updated on:
21 May 2026 01:10 pm
Published on:
21 May 2026 12:59 pm
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