
The deceased child was left in the hospital
पटना। बिहार के नालंदा जिले में भगवान का प्रसाद खाना भक्तों के लिए जिंदगी-मौत का सवाल बन गया। पूजा के बाद प्रसाद खाने से 33 लोग बीमार पड़ गए और आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन एक साथ इतने मरीज पहुंचने से अस्पताल में ही अव्यवस्था फैल गई और आलम यह हो गया कि बेड की कमी के चलते डॉक्टरों ने जमीन पर लिटाकर मरीजों का इलाज ।
मामला नालंदा जिले के बिंद बाजार इलाके का है। रविवार शाम को यहां पर आयोजित एक पूजा के बाद प्रसाद बांटा गया। पूजा में आए लोगों ने प्रसाद खाया। प्रसाद खाने के बाद 33 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। अचानक एक के बाद एक इतने लोगों की तबीयत बिगड़ती देख उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि बिंद निवासी श्यामसुंदर कुमार की हालत गंभीर बनी हुई है।
वहीं, अस्पताल में एक साथ पहुंचे 33 मरीजों को देखने के बाद वहां भी अफरातफरी का मौहाल फैल गया। बेड की कमी होने के चलते वहां कई मरीजों का इलाज जमीन पर ही लिटाकर किया गया। अस्पताल के मुताबिक मरीजों में 26 महिलाएं व बच्चियां भी शामिल हैं। केवल एक को छोड़कर बाकी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों के मुताबिक रविवार शाम बिंद बाजार स्थित नेजामत मोहल्ला निवासी मनोहर जमादार के घर पर सत्यनारायण स्वामी की कथा का आयोजन किया गया था। कथा के बाद वहां आए ढेरों लोगों में प्रसाद बांटा गया। हालांकि सोमवार सुबह इनमें से ज्यादातर लोगों का पेट खराब हो गया और दस्त लग गए। शुरुआत में तो लोगों ने घरेलू नुस्खों या पड़ोस के मेडिकल स्टोर से दवा ले ली, लेकिन कुछ असर नहीं हुआ।
शाम होने तक इन लोगों की हालत काफी गंभीर हो गई और कई तो चलने में भी असमर्थ हो गए। इसके बाद आसपास के लोगों को पता चला कि उनकी भी हालत खराब है, तो फिर उन्हें बिंद अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाकर ले जाया गया। अस्पताल में एक के बाद एक करके पहुंचे 33 मरीजों को देख वहां अफरातफरी सी मच गई और बेड की कमी हो गई। मजबूरन मरीजों को जमीन पर लिटाकर डॉक्टरों ने इलाज किया।
Published on:
17 Jul 2018 02:50 pm
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