28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिल्ली में 1600 स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी, रेखा सरकार के एक्‍शन पर ‘आप’ ने किया पलटवार

CM Rekha Gupta: दिल्ली की रेखा गुप्ता ने स्कूलों में फीस बढ़ोतरी मामले को लेकर सख्त रुख अख्तियार किया है। मंगलवार को दिल्ली के शिक्षामंत्री आशीष सूद ने 1600 स्कूलों का ऑडिट कराने की घोषणा की। इस दौरान आम आदमी पार्टी ने उनसे सवाल पूछे हैं।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Vishnu Bajpai

•

Updated: 8 Apr 2025, 2:50 PM IST

CM Rekha Gupta: दिल्ली में 1600 स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी, रेखा सरकार के एक्‍शन पर 'आप' ने किया पलटवार

CM Rekha Gupta: दिल्ली में 1600 स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी, रेखा सरकार के एक्‍शन पर 'आप' ने किया पलटवार

CM Rekha Gupta: दिल्‍ली के स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसको लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मंगलवार को जहां दिल्ली के शिक्षामंत्री आशीष सूद ने 1600 स्कूलों का ऑडिट कराने की घोषणा की। वहीं आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने उनपर पलटवार किया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा “बच्चों को स्कूल में बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही और यह भी कि दिल्ली सरकार के पास विजिलेंस डिपार्टमेंट है। जो बीजेपी के हाथों में हमेशा से था। आशीष सूद बताएं कि अब तक क्या कार्रवाई की गई है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।”

आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच जुबानी जंग

दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के मसले पर भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच तकरार को और तेज कर दिया है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान कई स्कूलों ने बिना किसी अनुमति के फीस में भारी बढ़ोतरी की थी, जिससे भ्रष्टाचार के मुद्दे ने तूल पकड़ा। आशीष सूद का कहना है कि AAP के कार्यकाल में कुछ प्राइवेट स्कूलों ने दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 1973 का उल्लंघन करते हुए फीस में 30 से 38 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की, जबकि इस तरह की बढ़ोतरी के लिए सरकार से मंजूरी लेना आवश्यक है।

इसके अलावा, आशीष सूद ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार 1,600 से अधिक स्कूलों में ऑडिट जांच करवाएगी और अगर किसी स्कूल को दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस मामले में चेतावनी देते हुए कहा कि दोषी स्कूलों के खिलाफ रेखा सरकार सख्त कदम उठाएगी। सूद का यह भी कहना था कि दिल्ली में 1,677 प्राइवेट स्कूलों में से 335 स्कूल सरकारी जमीन पर स्थित हैं और इन स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए सरकार से अनुमति लेनी जरूरी है।

भाजपा नेता के बयान पर 'आप' का पलटवार

इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी को आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी की भ्रष्टाचार की कहानी भी लोगों के सामने रखनी चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने कहा "बीजेपी ने शराब और साड़ी बांटी थी। यह पैसा माफियाओं से आया था।" उन्होंने आशीष सूद से सवाल किया कि अब तक कितने स्कूलों के रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए गए हैं या कितने स्कूलों को टेकओवर करने के लिए नोटिस दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें : दिल्ली में नया कानून बनाने जा रही सीएम रेखा गुप्ता, क्यों खुश हुए मनीष सिसोदिया?

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा “बच्चों से स्कूल की बस, यूनिफॉर्म और अन्य नामों पर अवैध रूप से पैसे लिए जा रहे हैं, और यदि यह सही है तो सरकार को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को स्कूल में बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही और यह भी कि दिल्ली सरकार के पास विजिलेंस डिपार्टमेंट है। जो बीजेपी के हाथों में हमेशा से था। उन्होंने आशीष सूद से यह पूछा कि अब तक क्या कार्रवाई की गई है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

सर्वोदय कन्या विद्यालय का आशीष सूद ने किया निरीक्षण

दिल्ली के शिक्षामंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को सर्वोदय कन्या विद्यालय मयूर विहार फेज 2 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा "हम अपने विधायकों की शिकायत पर जहां-जहां बिल्डिंग में या शिक्षा व्यवस्‍था में कमी है। वहां निरीक्षण कर रहे हैं। हमारे विधायक रवि नेगी की शिकायत पर आज सर्वोदय कन्या विद्यालय मयूर विहार फेज 2 में जर्जर कमरों की शिकायत की थी। इसलिए आज मैंने इसका निरीक्षण किया है। बहुत जल्द ही यहां से बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट करके बिल्डिंग को नया बनाया जाएगा।"

आशीष सूद ने आगे कहा "सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हमारी सरकार ने अब पिछली कमियों को गिनना छोड़ दिया है। हमारा मुख्य फोकस इन कमियों को दूर करने पर है। हम इन कमियों को गिनाकर हम निगेटिव वाइब्स के साथ काम नहीं करना चाहते हैं। सबको मालूम है कि शिक्षाक्रांति के जनक यहां से चुनाव हार कर गए हैं।"