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मैंने नेहरू को भी देखा है, रेखा गुप्ता से ज्यादा…जनसुनवाई में पहुंचे 94 साल के बुजुर्ग ने सीएम को बताई व्यथा

CM Rekha Gupta Public Hearing: दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता के जनसुनवाई केंद्र में पहुंचे 94 साल के बुजुर्ग ने अपनी व्यथा सुनाई। इस दौरान उन्होंने कहा “मैंने पंडित जवाहर लाल नेहरू को भी देखा है। सीएम रेखा गुप्ता से मुझे बहुत उम्मीदें हैं।”

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CM Rekha Gupta Public Hearing in Delhi freedom fighter narrated his woes to CM

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता जनसुनवाई। (Photo: IANS @gupta_rekha)

CM Rekha Gupta Public Hearing: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के 'मुख्यमंत्री जन सुनवाई केंद्र' में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। राजधानी के अलग-अलग इलाकों से आए लोगों ने यहां अपनी परेशानियां सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। उन्होंने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता की इस पहल से काफी उम्मीदें हैं और उन्हें भरोसा है कि सरकार उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

जन सुनवाई केंद्र पर आने वाले अधिकांश लोग सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे थे। वे अपनी व्यथा मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और उनसे समाधान की उम्मीद रखने के लिए यहां आए। कई लोगों ने इस दौरान समाचार एजेंसी IANS से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और उचित कार्यवाही की जाएगी।

दिव्यांग को नौकरी की उम्मीद

सरिता विहार से पहुंचे सुमित कुमार शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। सुमित ने बताया कि वे लंबे समय से बेरोजगार हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनका जीवन काफी कठिनाई में गुजर रहा है। सुमित का मानना है कि दिव्यांगों के लिए रोजगार के अवसर बेहद सीमित होते हैं। अगर सरकार ऐसे लोगों को रोजगार उपलब्ध कराती है तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने कहा "मैंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि अगर मुझे नौकरी मिल जाती तो मेरी तमाम जरूरतें पूरी हो जातीं और मुझे किसी पर आश्रित नहीं रहना पड़ता। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि मेरी मदद की जाएगी। मुझे भरोसा है कि सरकार मुझे नौकरी उपलब्ध कराएगी।" उन्होंने मुख्यमंत्री की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने में मददगार साबित होगा।

महिला ने उठाया सुरक्षा का मुद्दा

अशोक विहार से आई नेहा ने अपनी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। उनका कहना था कि उन्हें कुछ समय से पारिवारिक और कानूनी विवादों में परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री ने उन्हें मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एसएचओ से संपर्क करने की सलाह दी। नेहा ने कहा "मुझे पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेरी समस्या का समाधान निकलेगा। हालांकि फिलहाल परिणाम का इंतजार है, लेकिन मेरी उम्मीदें बनी हुई हैं।"

आजादी के सिपाही ने सीएम को सुनाई व्यथा

शालीमार बाग से आए 94 साल के मनीराम ने जन सुनवाई केंद्र में अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई थी। लेकिन आज तक उन्हें सरकार से कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा "मेरे पास आज तक न पेंशन है और न ही मेरे बच्चों को नौकरी मिली। मेरी आर्थिक हालत बेहद खराब है।"

मनीराम ने भावुक होते हुए कहा “मैंने पंडित जवाहर लाल नेहरू को भी देखा है। सीएम रेखा गुप्ता से मुझे बहुत उम्मीदें हैं।” मनीराम ने कहा कि वे आजादी के संघर्ष के गवाह रहे हैं, लेकिन अब अपने अंतिम पड़ाव पर उन्हें सरकारी सहयोग की कमी खल रही है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उन्हें पेंशन की सुविधा जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। दूसरी ओर, सीएम रेखा की जनसुनवाई वाली पहल को लेकर लोगों का मानना है कि अगर यह पहल नियमित रूप से होती रही तो आम नागरिकों और सरकार के बीच भरोसे का रिश्ता और मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री जन सुनवाई केंद्र पर लोगों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस के अलावा विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) के जवान भी तैनात रहे। प्रवेश द्वार पर आने वाले सभी लोगों की सघन तलाशी ली गई और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं की जाएगी और जनता की समस्याएं सुनने के दौरान भी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।


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