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Congress : नए जिलाध्यक्ष चयन में प्रदेश अध्यक्ष व विधायक दल के नेता की नहीं चलेगी

-पर्यवेक्षकों को ग्राउंड रिपोर्ट पर प्रभारियों के साथ मिलकर बनानी होगी छह नामों का पैनल -नवंबर तक राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना को मिल जाएंगे नए जिलाध्यक्ष

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शादाब अहमद

नई दिल्ली। कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत 2028 के विधानसभा चुनाव वाले राज्यों के संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने का काम शुरू हो चुका है। इसके तहत नवंबर के पहले सप्ताह तक राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के सभी जिलाध्यक्ष बदल जाएंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता की भूमिका नगण्य कर दी गई है।

कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत तीनों राज्यों के पर्यवेक्षकों की बैठक कांग्रेस के इंदिरा गांधी भवन में हुई। इसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल, महासचिव सचिन पायलट, राजस्थान के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत अन्य नेता शामिल हुए। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पर्यवेक्षकों को पूरे अभियान की जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया कि इन प्रभारियों को दशहरा के बाद उनके प्रभार वाले जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं और नेताओं से रायशुमारी करनी होगी। इसके बाद छह नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश प्रभारी से चर्चा कर आलाकमान को रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस पूरे काम को अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक पूरा करना होगा। इसके बाद पार्टी नवंबर के पहले सप्ताह तक नए जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर सकती है।

आखिर तक जानकारी को रखा गुप्त

बैठक में आने से पहले तक किसी भी पर्यवेक्षकों को उनको आवंटित जिलों की जानकारी नहीं थी। बैठक में वेणुगोपाल ने जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया समझाई।