
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जनता के नाम संदेश जारी किया। खरगे ने कहा कि हमारा संविधान ही हमारे देश की आत्मा है। संविधान निर्माताओं ने न्याय, समानता, आज़ादी, परस्पर भाईचारा, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद की मूल भावनाओं को आधार बनाकर इस देश के नागरिकों को समान अवसर व समान सुरक्षा प्रदान किया। यही हमारे लोकतंत्र की नींव है। हमें सबसे ज़्यादा ज़रूरत संविधान के इन्ही बुनियादी सिद्धांतों को सुरक्षित करने की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने भारतीय संविधान पर कभी यक़ीन नहीं किया। कभी इसका सम्मान नहीं किया। संविधान के विरूद्ध ही बात और कार्य किए। आज वही लोग हर एक संवैधानिक संस्थानों को कमजोर करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने देशवासियों से मिलजुल कर अपने संविधान और संवैधानिक संस्थानों को मज़बूत बनाने की अपील की। साथ ही न्यायपालिका पर हो रहे आक्रमण के विरोध में खड़े होने का आह्वान किया।
भाई को भाई से लड़ा रहे
खरगे ने कहा कि देश में भाई को भाई को, एक धर्म के लोगों को दूसरे धर्म के लोगों से, एक जाति के लोगों को दूसरी जाति के लोगों से, एक समुदाय के लोगों को दूसरे समुदाय से लड़ाने का काम 24 घंटे चल रहा है। प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को भाषण और चुनाव के अलावा किसी बात से मतलब नहीं है।
विपक्ष को डराते-धमकाते हैं
खरगे ने कहा कि संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराते-धमका कर झूठे मुक़दमों में फंसाते हैं। अपने अरबपति मित्रों को देश की संपत्ति बेचते है। उन्हीं की मदद से मीडिया को अपने चंगुल में करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सरकार की सच्चाई लोगों के सामने उजागर ना हो पाए। न्यायपालिका से टकराव करने के लिए हमले करते हैं। विश्वविद्यालयों में छात्रों के बीच नफरत का बीज बोया जा रहा है। हर उस संस्थान को जो स्वतंत्र रूप से संविधान के अनुरूप चल रही थी, उसमें अपने लोगों को बैठा कर उसे अपने वश में करने का षड्यंत्र जारी है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजग़ारी और आर्थिक असमानता के आंकड़े मोदी सरकार के विफलताओं की कहानी स्पष्ट शब्दों में बयान कर रहे हैं।
Published on:
25 Jan 2023 07:39 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
