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देश के सभी राज्यों में गोशालाओं की स्थापना हो-सिंहल

-पथमेड़ा की 64 गोशालाओं में एक लाख, 52 हजार गोमाता की होती है सेवा

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नई दिल्ली। राजस्थान के सांचोर क्षेत्र के श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के पदाधिकारियों ने देश के सभी राज्यों में गोशालाओं की स्थापना के साथ गोमाता के खोए हुए अधिकारों के पुन: स्थापित करने की मांग की है। साथ ही गाय को राष्ट्रीय प्राणी का दर्जा देने की मांग भी की है।

श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के सीईओ आलोक सिंघल ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि मारवाड़ और काठियावाड़ में गोमाता सेवा को अपना धर्म समझते हैं। गोऋषि स्वामी दत्तशरणानंद महाराज ने 1993 में राजस्थान के सांचौर के पास पथमेड़ा गांव में संस्था की नींव रखी थी। पथमेड़ा की 64 से अधिक गौशालाओं में 1 लाख 52 हजार गोमाता की सेवा की जा रही है। सिंहल ने कहा कि देश के सभी राज्यों में गोशालाओं की स्थापना होनी चाहिए। नरेगा के माध्यम से गांवों में गोवंश की सेवा हो और गायों के गोबर से बनने वाली खाद को वहां के किसानों को निशुल्क दिया जाए। उन्होंने कहा कि इससे देश का स्वाथ्य और जमीन दोनों में सुधार आएगा। गाय के गोबर से उत्पादित सब्जियों व फसलों का उसकी गुणवत्ता पर मूल्य निर्धारित हो। गोवंश के संवर्धन और संरक्षण की योजनाएं बनें। सभी राज्यों में गोसेवा आयोग का गठन किया जाना चाहिए।

दिल्ली में भी मिले अनुदान

संस्था के दिल्ली एनसीआर के प्रधान डॉ वीरेंद्र गर्ग ने कहा कि अन्य राज्योंं की तरह दिल्ली सरकार भी राज्य में संचालित गोशालाओं को अनुदान दे। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति से देश में अनाज का उत्पाद तो बढ़ गया, लेकिन चारे का उत्पादन घट गया है। इसलिए इसे भी बढ़ाने की जरूरत है। संस्था के दिल्ली एनसीआर के चेयरमैन राकेश बिन्दल, वरिष्ठ ट्रस्टी आलोक जगवायन और एसएन बंसल ने विचार रखें।