14 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फिल्म ‘धुरंधर’ का कमाल: दिल्ली में फिर बढ़ा ‘दूध सोडा’ का क्रेज, जानें क्या है इसकी खासियत?

Doodh Soda Delh: फिल्म 'धुरंधर' की सफलता ने दिल्ली में 'दूध सोडा' के पुराने क्रेज को फिर से जिंदा कर दिया है। जानें मुखर्जी नगर और नांगिया पार्क की उन दुकानों के बारे में जो 1955 से परोस रही हैं यह देसी ड्रिंक।

2 min read
Google source verification

AI जनरेटेड फोटो

New Delhi: फिल्मों का असर केवल कुछ घंटे या कुछ दिनों तक नहीं रहता है कि बल्कि, हमारे खान-पान की आदतों को भी बदल देता है। दरअसल, हाल ही में आई फिल्म 'धुरंधर' फिल्म सिनेमाघरों में तो धमाल मचा ही रही है इसके साथ ही उत्तर भारत के एक पुराने और पारंपरिक ड्रिंक 'दूध सोडा' को एक बार फिर से ट्रेंड में ला दिया है। फिल्म में गौरव गेरा के किरदार मोहम्मद आलम का डायलॉग 'डार्लिंग, डार्लिंग, दिल क्यों तोड़ा। पीलो पीलो, आलम सोडा' , इतना मशहूर हुआ कि लोगों में इस पेय को लेकर पुरानी यादें और जिज्ञासा ताजा हो गई है।

आपको बता दें कि दूध सोडा मुख्य रूप से ठंडे दूध और कार्बोनेटेड सोडा का मिश्रण है। इसमें चीनी और बर्फ मिलाई जाती है, और स्वाद बढ़ाने के लिए अक्सर गुलाब (Rose) या अन्य सिरप का उपयोग किया जाता है। उत्तर भारत की तपती गर्मियों में यह एक हल्का, झागदार और ताजगी देने वाला ड्रिंक माना जाता है।

दिल्ली की इन पुरानी दुकानों पर उमड़ी भीड़

दिल्ली में दशकों पुराने दो ऐसे ठिकाने हैं जो 1950 और 60 के दशक से दूध सोडा परोस रहे हैं। फिल्म की लोकप्रियता के कारण अब यहां ग्राहकों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है-

  1. डेरावाल (Derawal), मुखर्जी नगरअरुण मदान द्वारा संचालित यह दुकान 1969 से चल रही है। इसकी शुरुआत मदान के दादाजी ने की थी, जो पाकिस्तान से इस परंपरा को भारत लाए थे। यहां रोज, पाइनएप्पल, बटरस्कॉच और चॉकलेट जैसे 10 अलग-अलग फ्लेवर मिलते हैं। यहां की मैनुअल सोडा मशीन से तैयार 400 मिली दूध सोडा (कीमत ₹80) आज भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
  2. केपीएच रिफ्रेशमेंट पॉइंट, नांगिया पार्क

1955 में स्थापित यह दुकान रोशनलाल बुधिराजा द्वारा शुरू की गई थी। अब इसे उनके बेटे वीरेंद्र बुधिराजा संभाल रहे हैं। यहां रोज, पाइनएप्पल और कोल्ड कॉफी जैसे फ्लेवर मिलते हैं। वीरेंद्र का कहना है कि फिल्म के बाद मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है। उनका मानना है कि फिल्म ने लोगों की 'याददाश्त ताजा' कर दी है। यहां की खासियत यह है कि आप बोतलबंद दूध सोडा भी खरीद सकते हैं।

फिल्म ने कैसे बदली तस्वीर?

फिल्म 'धुरंधर' में मोहम्मद आलम का किरदार लयारी (पाकिस्तान) में एक जूस की दुकान चलाता है। उनके द्वारा बोला गया कोड मैसेज न केवल कहानी का अहम हिस्सा बना, बल्कि इसने युवाओं के बीच दूध सोडा को एक 'कूल' ड्रिंक के रूप में स्थापित कर दिया। जो लोग पहले कभी इस ड्रिंक के बारे में नहीं जानते थे, वे भी अब दिल्ली की इन ऐतिहासिक गलियों में इसकी तलाश में पहुंच रहे हैं।

बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग