
दिल्ली: यमुना में नहाने गए 4 बच्चे डूबे, 2 के शव बरामत
नई दिल्ली। यमुना में रविवार को नहाने गए चार बच्चे पानी में डूब गए। इन चार बच्चों में से दो के शव बरमद कर लिए गए हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में ले किया है। वहीं, दो अन्य बच्चों की तलाश जारी है। बता दें कि यह चारों सुबह- सुबह यमुना में नहाने गए। वहीं, इससे पहले कुछ दिन पहले दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में यमुना किनारे गड्ढे में डूबने से एक युवक और एक बच्ची की मौत हो गई थी।
कुछ दीन पहले डूबे थे दो बच्चे
वहीं, इस दौरान एक बच्चा घायल हो गया था। मरने वालों में 23 साल का सुरेश था जो गढ़ी मेढू गांव का रहने वाला था। वह न्यू उस्मानपुर में यमुना खादर में 8 फीट गड्ढे में डूब गया था। इसके अलावा एक बच्ची की भी मौत हुई थी बच्ची कान नाम आशा था। उसके साथ सात साल का राजा है, जिसे डूबने से बचा लिया गया था। बता दें कि दोनों यमुना में मछली मारने गए थे।
खतरे के निशान पर बह रही थी यमुना
बता दें कि उत्तर-पूर्वी इलाकों में हो रही मूसलादार बारिश की वजह से कई दिनों से उफान मार रही यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। बीते मंगलवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए 206.05 मीटर के तक पहुंच गया था। हालांकि प्रशासन ने बताया था कि हथिनकुंड बैराज से काफी कम पानी छोड़ा गया, जिससे जलस्तर में कभी आई। वहीं, बुधवार के बाद से यमुना का जलस्तर कम होने लगा था।
यमुना में बाढ़ से 10 हजार लोग प्रभावित
वहीं, इससे पहले जलस्तर खतरें के निशान तक पहुंचता देख प्रशासन ने उसके आसपास रह रहे लोगों को तुरंत ही वहां से राहत शिवरों में भेजा। बता दें कि यमुना का जलस्तर बढ़ने से किनारे के करीब 13 हजार 915 लोग प्रभावित हुए हैं। सरकारी की ओर से लगाए गए टेंट में 10 हजार प्रभावित लोग ठहरे हुए हैं। अभी इन्हें वापस अपनी झुग्गियों में लौटने में 10 से 15 दिन लग सकते हैं।
Published on:
05 Aug 2018 01:25 pm
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