
Delhi Crime News:दिल्ली की रात वैसे तो कभी सोती नहीं, लेकिन सोमवार की वह रात शाहबाद डेरी के इलाके में कुछ ज्यादा ही भारी थी। सन्नाटे को चीरती हुई पुलिस की गाड़ियां एक मिशन पर थीं। निशाने पर थे दो ऐसे शिकारी, जिन्होंने बवाना के एक उद्यमी का कत्ल कर कानून को चुनौती दी थी। मोहम्मद इरफान और ऐश्वर्य पांडेय।
पुलिस को पुख्ता खबर थी कि उद्यमी की जान लेने वाले ये दोनों आरोपी इसी इलाके के आसपास छिपे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने घेराबंदी शुरू की। जैसे ही अंधेरे में दो साये नजर आए, पुलिस ने ललकारा सरेंडर कर दो, चारों तरफ से घिर चुके हो। लेकिन खौफ और खून के नशे में चूर इरफान और ऐश्वर्य ने रुकने के बजाय अपनी पिस्टल निकाल ली। उन्हें लगा कि अंधेरे का फायदा उठाकर वे पुलिस के चक्रव्यूह को तोड़ देंगे।
अगले ही पल, शाहबाद डेरी की गलियां गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठीं। बदमाशों ने पुलिस को देखते ही सीधी फायरिंग शुरू कर दी। आमने-सामने की इस जंग में करीब 11 से 12 राउंड गोलियां चलीं। बदमाशों की एक गोली सीधे एक पुलिस जवान के सीने पर लगी। लेकिन गोली बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी और जवान बाल-बाल बच गया। अब बारी पुलिस के करारे जवाब की थी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई सटीक थी। भाग रहे बदमाशों के पैरों को निशाना बनाया गया। ठां-ठां की आवाज के साथ ही इरफान और ऐश्वर्य जमीन पर गिर पड़े। पैरों में गोली लगते ही उनका भागने का गुरूर मिट्टी में मिल गया। जो अपराधी कुछ देर पहले तक मौत बांट रहे थे, अब वे दर्द से कराह रहे थे।
पुलिस ने फौरन दोनों को काबू में किया और लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया। बवाना के उस उद्यमी के परिवार को अब जाकर थोड़ा सुकून मिला होगा, जिसके घर का चिराग इन दोनों ने बुझाया था। दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर साफ कर दिया जुर्म की राह चाहे कितनी भी छोटी हो, उसका अंत सलाखों के पीछे ही होता है।
Updated on:
10 Mar 2026 01:05 pm
Published on:
10 Mar 2026 01:04 pm
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