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Delhi Elections 2025: 12 घंटे चुनाव प्रचार के जमा करने होंगे 2.47 लाख…ताहिर हुसैन की कस्टडी पैरोल पर सुप्रीम कोर्ट ने रखी शर्त

Delhi Elections 2025: दिल्ली चुनाव 2025 के लिए सुप्रीम कोर्ट ने AIMIM उम्मीदवार और दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को सशर्त कस्टडी पैरोल दे दी है। इसके तहत ताहिर हुसैन 12 घंटे जेल से बाहर रहकर चुनाव प्रचार करेंगे। साथ ही इसका खर्च भी स्वयं उठाएंगे।

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Delhi Elections 2025: 12 घंटे चुनाव प्रचार के जमा करने होंगे 2.47 लाख...ताहिर हुसैन की कस्टडी पैरोल पर सुप्रीम कोर्ट ने रखी शर्त

Delhi Elections 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में मुस्तफाबाद सीट से AIMIM प्रत्याशी ताहिर हुसैन को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त कस्टडी पैरोल दे दी है। इसके साथ ही आदेश दिया है कि ताहिर हुसैन सिर्फ 12 घंटे जेल से बाहर रहकर चुनाव प्रचार करेंगे। इस दौरान आने वाला खर्च प्रतिदिन सरकारी खजाने में जमा कराएंगे। साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान ताहिर हुसैन अपने घर नहीं जा सकेंगे। वह सिर्फ अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों के साथ बैठकें और जनसंपर्क कर सकते हैं। उनके साथ दिल्ली पुलिस का दस्ता भी मौजूद रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इसका निर्णय सुनाते हुए कहा "ताहिर हुसैन को अपनी कस्टडी पैरोल का खर्च वहन करना होगा। इसमें उनके साथ तैनात किए जाने वाले दिल्ली पुलिस जवानों, अधिकारियों और जेल वैन के साथ ही एस्कॉर्ट खर्च शामिल हैं।"

मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से AIMIM प्रत्याशी हैं ताहिर हुसैन

दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। उन्हें नामांकन करने के लिए हाईकोर्ट ने कस्टडी पैरोल दी थी, लेकिन चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत देने से मना कर दिया। इसके बाद ताहिर हुसैन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस मामले पर दिल्ली पुलिस का जवाब मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ताहिर हुसैन को कस्टडी पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया। इससे पहले दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता ने कहा कि अदालत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जेल मैनुअल के अनुसार ताहिर हुसैन को सूर्यास्त से पहले वापस आना होगा।

29 जनवरी से तीन फरवरी तक मिली कस्टडी पैरोल

दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रत्याशी ताहिर हुसैन को सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी से 3 फरवरी तक कस्टडी पैरोल दी है। इस दौरान ताहिर हुसैन रोजाना 12 घंटे चुनाव प्रचार के लिए बाहर रह सकेंगे। इस दौरान उन्हें सिर्फ अपने पार्टी कार्यालय जाने और निर्वाचन क्षेत्र के अंदर मतदाताओं के साथ बैठकें करने की अनुमति है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार के लिए कस्टडी पैरोल के दौरान ताहिर अपने मूल निवासी करावल नगर नहीं जाएंगे।

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सुप्रीम कोर्ट ने कस्टडी पैरोल में लगाई ये शर्तें

दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन की कस्टडी पैरोल स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान ताहिर अपने खिलाफ लंबित मामलों पर कोई बयान जारी नहीं करेंगे। इसके अलावा दो पुलिसकर्मियों, जेल वैन और एस्कॉर्ट वाहन का खर्च भी ताहिर हुसैन को स्वयं वहन करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने ताहिर हुसैन को दो दिन का अग्रिम खर्च जमा करने का निर्देश दिया है। यह प्रतिदिन लगभग 2.47 लाख है। जेल मैनुअल के अनुसार ताहिर हुसैन हर दिन 12 घंटे के लिए बाहर रह कर चुनाव प्रचार कर सकेंगे।

ताहिर हुसैन के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में दिए ये तर्क

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में ताहिर हुसैन को कस्टडी पैरोल मिलने से पहले ताहिर हुसैन के अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने अपनी दलीलें रखी। सिद्धार्थ अग्रवाल ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली चुनाव प्रचार के लिए केवल चार से पांच दिन शेष बचे हैं। ऐसे में मेरे मुवक्किल को अपने विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने का मौका दिया जाना चाहिए। सिद्धार्थ अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा "मैं कह रहा हूं कि मैं घर नहीं जाऊंगा और एक होटल में रहूंगा और विवरण रिपोर्ट भी पेश करूंगा।"

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जबकि ताहिर हुसैन की कस्टडी पैरोल का विरोध करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता एसवी राजू ने कहा कि दंगों में ताहिर हुसैन की भूमिका गंभीर है। यदि उन्हें जमानत दी गई तो जेल में रहने वाला हर कोई ऐसा ही करने लगेगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद ताहिर हुसैन को सशर्त कस्टडी पैरोल पर चुनाव प्रचार करने का आदेश जारी कर दिया।