13 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ऐसे तो दिल्ली में मुश्किल होगा कारोबार करना- व्यापारियों ने सीएम रेखा गुप्ता को लिखी चिट्ठी

PPAC Charge Increase Delhi: दिल्ली में बिजली बिल बढ़ने को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई है। CTI ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर कहा है कि बढ़े हुए PPAC चार्ज से कारोबारियों और उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिससे दिल्ली में कारोबार करना मुश्किल हो सकता है।

2 min read
Google source verification
Delhi Electricity Bill Hike

दिल्ली के व्यापारियों ने सीएम रेखा गुप्ता को लिखी चिट्ठी (Photo-IANS/PTI)

Delhi Electricity Bill Hike: दिल्ली में बिजली बिल बढ़ने की खबर से व्यापारियों और फैक्ट्री मालिकों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल, दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने बिजली वितरण कंपनियों को फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्ज (FPPAS) यानी PPAC बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद लोगों को बिजली के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। व्यापारियों का कहना है कि इससे कारोबार की लागत और बढ़ जाएगी। इसी को लेकर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को चिट्ठी लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है। व्यापारियों का कहना है कि अगर बिजली के दाम लगातार बढ़ते रहे तो दिल्ली में कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा।

चिट्ठी में क्या लिखा?

CTI ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लिखी चिट्ठी में कहा है कि PPAC चार्ज बढ़ने से व्यापारियों और फैक्ट्री मालिकों के बिजली बिल काफी बढ़ जाएंगे। संगठन का कहना है कि इससे कारोबार चलाने का खर्च भी बढ़ेगा। साथ ही उनका कहना है कि दिल्ली में बिजली हरियाणा व उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के मुकाबले ज्यादा महंगी हो जाएगी। व्यापारियों ने कहा कि बढ़ते बिजली बिल का बोझ खासकर छोटे और मध्यम कारोबारियों पर पड़ेगा। चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि अगर ऐसा ही रहा तो दिल्ली में कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा और दूसरे राज्यों में कारोबार करने पर विचार किया जाएगा।

आखिर PPAC चार्ज होता क्या है?

PPAC यानी पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्ज एक अतिरिक्त शुल्क होता है, जिसे बिजली कंपनियां अपने बढ़े हुए खर्च की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ती हैं। जब बिजली बनाने या खरीदने की लागत बढ़ जाती है, तो उसका असर सीधे PPAC पर पड़ता है। अधिकारियों के अनुसार अप्रैल महीने में बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में काफी वृद्धि हुई थी। मांग पूरी करने के लिए बिजली वितरण कंपनियों को खुले बाजार से महंगी बिजली खरीदनी पड़ी, जिससे उनकी लागत बढ़ गई। इसी लागत की भरपाई के लिए PPAC में संशोधन किया गया है।

किन इलाकों के लोगों पर पड़ेगा ज्यादा असर?

बिजली बिल में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर BYPL यानी पूर्वी और मध्य दिल्ली के लोगों पर पड़ सकता है। यहां PPAC चार्ज 11.7% से बढ़ाकर 17.4% कर दिया गया है। वहीं BRPL यानी दक्षिण और पश्चिमी दिल्ली के इलाकों में यह 14.5% से बढ़कर 17.9% हो गया है। दूसरी तरफ TPDDL के इलाकों में PPAC में बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है, इसलिए वहां रहने वाले लोगों के बिजली बिल पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है।

वहीं अधिकारियों ने साफ किया है कि PPAC बढ़ने के बावजूद दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना में कोई बदलाव नहीं होगा।

बिजली बिल पर कितना पड़ेगा असर?

PPAC बढ़ने के बाद कुछ इलाकों के लोगों को हर महीने बिजली के लिए पहले से ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। BRPL क्षेत्र में 200 यूनिट बिजली खर्च करने पर बिल में 23 रुपये, 400 यूनिट पर 56 रुपये और 600 यूनिट पर 102 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं BYPL क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर इसका असर और ज्यादा दिखेगा। यहां 200 यूनिट बिजली खर्च करने पर बिल 38 रुपये, 400 यूनिट पर 92 रुपये और 600 यूनिट पर लगभग 170 रुपये तक बढ़ सकता है। हालांकि TPDDL क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी, क्योंकि यहां PPAC में सिर्फ 0.1% की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में 200, 400 या 600 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में लगभग कोई बदलाव नहीं होगा।

बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग