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‘हर घर तिरंगा’ अभियान में अहम भूमिका निभाएंगे दिल्ली के स्वयं सहायता समूह, CM रेखा गुप्ता का ऐलान

Har Ghar Tiranga 2026 Delhi: स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली सरकार ने जनभागीदारी और देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए 'हर घर तिरंगा' अभियान की घोषणा की है। इस बार दिल्ली के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को 2 लाख राष्ट्रीय ध्वज बनाने का जिम्मा सौंपकर अभियान को स्थानीय रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा गया है।
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Har Ghar Tiranga 2026 Delhi

'हर घर तिरंगा' अभियान में अहम भूमिका निभाएंगे दिल्ली के स्वयं सहायता समूह

Chief Minister Rekha Gupta Tiranga campaign: स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर जनभागीदारी, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने 'हर घर तिरंगा 2026' अभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार सरकार ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान को स्थानीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने का बड़ा फैसला किया है। इसके तहत दिल्ली के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को अभियान में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस साल दिल्ली भर में 15 लाख से अधिक राष्ट्रीय ध्वज वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से करीब 2 लाख तिरंगे सीधे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से तैयार कराए जाएंगे।

देशभक्ति के साथ जुड़ा आजीविका का साधन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि 'हर घर तिरंगा' सिर्फ एक झंडा फहराने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि 'दिल्ली सरकार समाज के हर वर्ग को साथ लेकर इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। झंडा उत्पादन में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को शामिल करने का निर्णय जन कल्याणकारी पहलों को आजीविका के अवसरों से जोड़ने के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाता है। इससे इन समूहों की महिलाओं को न केवल आय का जरिया मिलेगा, बल्कि देश के गौरव के प्रतीक तिरंगे के निर्माण का सम्मान भी प्राप्त होगा।'

शहरी आजीविका मिशन संभालेगा कमान

इन झंडों को तैयार करने के लिए दिल्ली सरकार के 'राज्य शहरी आजीविका मिशन' (SULM) द्वारा पात्र स्वयं सहायता समूहों की पहचान और संगठन किया गया है। SULM मुख्य रूप से शहरी गरीबों को कौशल विकास, उद्यमिता और स्वरोजगार के अवसर देकर उनके जीवन स्तर को सुधारने का काम करता है। राष्ट्रीय ध्वज बनाने के इस काम से इन सामुदायिक संस्थाओं को एक मजबूत और टिकाऊ आजीविका का साधन मिलेगा।

'फ्लैग कोड' का रखा जाएगा सख्त ख्याल

दिल्ली सरकार ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले सभी राष्ट्रीय ध्वज भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India), 2002 और इसमें समय-समय पर किए गए संशोधनों के पूरी तरह अनुकूल होंगे। इसके साथ ही 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' और सरकार द्वारा तय सभी तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा ताकि तिरंगे की गरिमा और सम्मान में कोई कमी न आए।

दिल्ली सरकार इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वयं सहायता समूहों के साथ-साथ ऑनलाइन मार्केटप्लेस से भी तिरंगे खरीदेगी। सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली के हर घर तक तिरंगा पहुंचे और इस अभियान में ज्यादा से