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दिल्ली के GTB अस्पताल में बड़ी लापरवाही: इमरजेंसी वार्ड में मरीज पर गिरा छत का पंखा, कुछ ही घंटे बाद हुई मौत

GTB Hospital Delhi ceiling fan accident: गुरु तेग बहादुर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज करा रहे एक मरीज पर अचानक छत का पंखा गिर गया। इस हादसे के महज 3 घंटे के भीतर मरीज की मौत हो गई, जबकि ड्यूटी पर तैनात एक नर्सिंग ऑफिसर भी घायल हुए हैं। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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GTB Hospital Delhi ceiling fan accident

इमरजेंसी वार्ड में मरीज पर गिरा छत का पंखा

Delhi government hospital negligence: राजधानी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल से सरकारी स्वास्थ्य प्रणालियों की बदहाली और लापरवाही की एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज करा रहे एक मरीज पर अचानक छत का पंखा गिर गया, जिसके कुछ ही घंटों के भीतर मरीज की मौत हो गई। इस हादसे में ड्यूटी पर तैनात एक नर्सिंग ऑफिसर भी घायल हुए हैं।

वार्ड नंबर 27 में अचानक गिरा पंखा

यह दर्दनाक हादसा शनिवार रात करीब 9:30 बजे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड नंबर 27 में हुआ। मृतक की पहचान 42 वर्षीय मोहम्मद अकबर के रूप में हुई है, जो वहां बिस्तर पर भर्ती थे। जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त एक नर्सिंग ऑफिसर अकबर का इलाज कर रहे थे। इसी दौरान छत पर लगा भारी-भरकम पंखा अचानक उखड़कर सीधे अकबर के बिस्तर पर आ गिरा। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, पंखा गिरने से वार्ड में हड़कंप मच गया। इस दुर्घटना में मरीज के साथ-साथ उपचार कर रहे नर्सिंग स्टाफ को भी चोटें आई हैं।

हादसे के 3 घंटे के भीतर मौत

मोहम्मद अकबर को गंभीर स्थिति में उनके भाई ने 18 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया था। वह हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन), मेनिन्जोएन्सेफलाइटिस और एस्पिरेशन निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। अस्पताल द्वारा जारी मृत्यु प्रमाणपत्र (Death Certificate) के मुताबिक, अकबर ने रविवार रात 12:16 बजे दम तोड़ दिया। गौर करने वाली बात यह है कि पंखा गिरने की घटना और मौत के बीच 3 घंटे से भी कम समय का फासला था। हालांकि, अस्पताल के आधिकारिक रिकॉर्ड में मौत की वजह पंखा गिरने की चोटों के बजाय उनकी पुरानी गंभीर बीमारियों (हाइपरटेंशन और निमोनिया) को ही दर्शाया गया है।

परिजनों का फूटा गुस्सा

हादसे के बाद रविवार सुबह मृतक के परिजनों ने अस्पताल परिसर में इकट्ठा होकर भारी हंगामा किया। परिवार ने अस्पताल प्रबंधन और रखरखाव पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि दिल्ली के इतने बड़े सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का यह हाल है, जहां मरीज इलाज के लिए आते हैं लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण उनकी जान पर बन आती है।

अस्पताल प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत तकनीकी या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन इस घटना के बाद अस्पताल के ही स्टाफ और डॉक्टरों के बीच बुनियादी ढांचे की बदहाली को लेकर भारी चिंता और आक्रोश देखा जा रहा है।