
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच सफदरजंग और जिम्स में आरक्षित किए गए बेड्स। (फाइल फोटो-IANS)
Delhi H1N1 Cases: दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस साल अब तक राजधानी में 1,777 से ज्यादा H1N1 केस मिल चुके हैं। इसके अलावा इन्फ्लूएंजा-ए के भी 2,392 मामले सामने आए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा तेज कर दी है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह कुछ ही देर में सचिवालय में अधिकारियों के साथ अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में स्वाइन फ्लू के साथ डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की स्थिति पर भी चर्चा होगी।
बैठक में यह देखा जाएगा कि अस्पतालों में मरीजों के लिए कितने बेड उपलब्ध हैं और दवाओं व इलाज की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं। इसके अलावा बीमारी की जांच, मरीजों की निगरानी और बारिश के मौसम में संक्रमण को रोकने के लिए किए जा रहे इंतजामों की भी समीक्षा होगी।
सरकार का मकसद है कि अगर आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अस्पतालों में इलाज को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो।
H1N1 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल ने भी अपनी तैयारी बढ़ा दी है। अस्पताल में फ्लू जैसे लक्षण लेकर आने वाले मरीजों की जांच की जा रही है। जरूरत के मुताबिक उनका इलाज किया जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, H1N1 और दूसरी मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी दवाएं और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं।
दिल्ली में इस समय सिर्फ स्वाइन फ्लू ही चिंता की वजह नहीं है। इस साल अब तक डेंगू के 246, मलेरिया के 80 और चिकनगुनिया के 19 मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि इन बीमारियों से अब तक किसी मौत की जानकारी नहीं है।
मच्छरों से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकाय निगरानी कर रहे हैं। लोगों को भी अपने आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है।
दिल्ली से सटे नोएडा में भी H1N1 के 14 मरीज सामने आ चुके हैं। इसे देखते हुए जिला अस्पताल और ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए बेड रिजर्व किए गए हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक H1N1 में तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द और ज्यादा कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर लापरवाही करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
फिलहाल दिल्ली सरकार का जोर समय पर जांच, बेहतर इलाज और लगातार निगरानी पर है। आज होने वाली बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
Updated on:
24 Aug 2026 12:47 pm
Published on:
24 Aug 2026 12:46 pm
