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IRS Officer Daughter Case: दक्षिण दिल्ली में एक होनहार छात्रा की जान लेने वाला राहुल मीणा कोई अजनबी नहीं, घर का पूर्व कर्मचारी था। जिसे आर्थिक मदद और रोजगार दिया गया, उसी ने लालच और वासना के वशीभूत होकर इस तरह का अपराध कर दिया। पुलिस पूछताछ में उसने अपने अपराध को स्वीकार करन के साथ ही अपनी उन काली आदतों का भी कच्चा चिट्ठा खोला है जिसने उसे अपराधी बना दिया।
वारदात वाले दिन आरोपी राहुल को पता था कि अधिकारी और उनकी पत्नी सुबह जिम जाते हैं। मौका पाकर वह दूसरी चाबी से घर में दाखिल हुआ। उस वक्त युवती अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। आरोपी ने पहले उससे रुपयों की मांग की, लेकिन जब उसने मना किया तो राहुल ने हिंसक होकर उसके सिर पर वार कर दिया। चोट इतनी गंभीर थी कि पीड़िता अचेत हो गई। जांच में यह दिल दहला देने वाला तथ्य सामने आया कि बेहोशी की हालत में आरोपी ने उसके साथ दरिंदगी की। इसके बाद, वह उसे घसीटकर उस कमरे में ले गया जहां डिजिटल लॉकर था। उसने बेसुध लड़की की उंगलियों से लॉक खोलने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं रहा। आखिर में सबूत मिटाने और जान लेने की नीयत से उसने चार्जर केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
राहुल मीणा की इस मानसिक हालत का कारण उसकी खराब आदतें थी। पूछताछ में पता चला कि वह ऑनलाइन गेमिंग और जुए का बुरी तरह आदी था। इतना ही नहीं, अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा वह कॉल गर्ल्स और वेश्याओं पर खर्च करता था। ₹20,000 की सुरक्षित नौकरी और बोनस मिलने के बावजूद, उसकी इन गलत आदतों ने उसे कर्ज के दलदल में धकेल दिया था। इसी आर्थिक तंगी की वजह से उसने मालिक के घर में चोरी और हेराफेरी शुरू की थी, जिसके पकड़े जाने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
नौकरी से निकाले जाने को राहुल ने अपनी बेइज्जती माना। उसके मन में अपने पूर्व मालिक के परिवार के लिए नफरत भर गई थी। राहुल खुद की आर्थिक तंगी दूर कर उन्हें चोट पहुंचाकर बदला भी लेना चाहता था। उसने कबूल किया कि काम करने के दौरान भी उसकी नजरें अधिकारी की बेटी पर अच्छी नहीं थीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पकड़े जाने के बाद उसे कोई पछतावा नहीं है। वह पुलिस के सामने शांत होकर बातें कर रहा है और अपनी गलती मानने के बजाय सारा दोष पीड़िता पर डाल रहा है कि अगर दीदी ने पैसे दे दिए होते, तो वह उन्हें नहीं मारता।
राहुल मीणा एक सीरियल क्रिमिनल की तरह व्यवहार कर रहा था। दिल्ली की इस वारदात को अंजाम देने से ठीक एक रात पहले उसने राजस्थान के अलवर में अपने ही एक दोस्त की पत्नी के साथ बलात्कार किया था और उसे गला दबाकर मारने की कोशिश भी किया था। वहां से वह एम्बुलेंस में छिपकर दिल्ली पहुंचा और सुबह होते ही आईआरएस अधिकारी के घर तबाही मचा दी। शाम होते-होते उसे द्वारका के एक होटल से दबोच लिया गया। आरोपी के पिता, जो खुद अधिकारी के दफ्तर में काम करते हैं, उनके जरिए ही उसे यह नौकरी मिली थी, लेकिन उसने अपने पिता के सम्मान और मालिक के भरोसे दोनों को मिट्टी में मिला दिया।
Published on:
24 Apr 2026 12:48 pm
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