
Delhi Liquor Scam:दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को आबकारी नीति मामले को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई और सीबीआई की तरफ से अदालत से तीन मांगें की गईं, जिन्हें कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत अन्य आरोपियों की उम्मीदों को भी बड़ा झटका लगा है। फिलहाल कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख तय की है।
दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने अदालत के सामने दलील रखते हुए कहा कि किसी भी आपराधिक मामले की शुरुआती अवस्था में गवाहों के बयानों की पूरी तरह पुष्टि करना जरूरी नहीं होता। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियां पहले गवाहों के बयान दर्ज कर उन्हें मामले के रिकॉर्ड का हिस्सा बनाती हैं। इसके बाद जब मुकदमे की नियमित सुनवाई शुरू होती है, तब गवाहों को अदालत में बुलाया जाता है। उस समय बचाव पक्ष को उनसे जिरह करने का पूरा अधिकार होता है, जिसके जरिए उनके बयानों की सच्चाई और विश्वसनीयता की परख की जाती है। मेहता ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में यही सामान्य और स्थापित व्यवस्था है, इसलिए प्रारंभिक चरण में ही गवाहों के बयानों को अंतिम रूप से जांचना आवश्यक नहीं होता।
Published on:
09 Mar 2026 01:55 pm
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